ताज़ा खबरें
टैरिफ से सहमा बाजार:सेंसेक्स 931 अंक गिरा, निफ्टी 23000 से फिसला
बजट में दलित-आदिवासी के लिए उचित हिस्सा कानूनन जरूरी हो: राहुल
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल
वक्फ विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
'वक्फ बिल को थोपा गया, अदालत कर देगी खारिज': अभिषेक सिंघवी
वक्फ विधेयक राज्यसभा से भी पारित,पक्ष में पड़े 128 वोट, विपक्ष में 95

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल हुआ है। नये महासचिवों और प्रभारियों के रूप में कांग्रेस ने कई वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी है। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कुल तेरह राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में नए प्रभारियों की नियुक्ति की है। पार्टी ने बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश समेत 11 राज्यों में नए प्रभारी नियुक्त किए हैं।

कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब और राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन को जम्मू कश्मीर और लद्दाख का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया गया है। यूपी प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को राष्ट्रीय टीम में जगह देते हुए ओडिशा का प्रभारी बनाया गया है।

बिहार में इस साल के अंत तक चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में कांग्रेस ने कृष्णा अलावरु को बिहार का प्रभारी बनाया है, जो अब तक यूथ कांग्रेस के प्रभारी थे। कर्नाटक के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद को हरियाणा और राजस्थान के वरिष्ठ नेता हरीश चौधरी को मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): कानून मंत्रालय की ओर से नये मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के चयन के लिए 17 फरवरी 2025 को तीन सदस्यीय कमेटी की बैठक बुलाई गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चयन कमेटी की बैठक में शामिल होंगे। मौजूदा सीईसी राजीव कुमार का कार्यकाल 18 फरवरी को खत्म हो रहा है।

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की अध्यक्षता में एक खोज समिति का गठन किया गया था, जिसमें दो सदस्यों के रूप में वित्त विभाग के सचिव और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव शामिल थे। अब तक सबसे वरिष्ठ निर्वाचन आयुक्त को सीईसी के सेवानिवृत्त होने के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में पदोन्नत किया जाता था। हालांकि, पिछले साल सीईसी और निर्वाचन आयुक्तों (ईसी) की नियुक्तियों को लेकर एक नया कानून लागू होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव आया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023 के प्रावधानों को पहली बार सीईसी की नियुक्ति के लिए लागू किया जा रहा है।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाकात से पहले कहा कि क्या प्रधानमंत्री अमेरिका से भारतीय नागरिकों को ‘‘अमानवीय तरीके से’’ वापस भेजे जाने पर भारत की तरफ से सामूहिक नाराजगी व्यक्त करने का साहस जुटा पाएंगे? पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि इस मुलाकात से पहले ही ट्रंप को खुश करने के लिए केंद्र सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी दौरे पर हैं। ट्रंप बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री की मेजबानी करेंगे। ट्रंप के पिछले महीने दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली द्विपक्षीय वार्ता होगी।

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘भारत के प्रधानमंत्री, 14 फरवरी को अपने 'अच्छे मित्र', अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पहले गले मिलेंगे फिर मुलाकात करेंगे। भारत पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए कुछ कृषि उत्पादों और डोनाल्ड ट्रंप की पसंदीदा ‘हार्ले-डेविडसन’ मोटरसाइकिलों पर आयात शुल्क कम कर चुका है।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाये जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुये कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने को गंभीर क्षति पहुंचने के बाद यह कदम उठाया गया है, जिसकी मांग पार्टी लंबे समय से कर रही थी।

मणिपुर में बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार को पद से इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "आखिरकार वह हुआ जिसकी मांग भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पिछले 20 महीनों से कर रही थी। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है।"

रमेश ने दावा किया कि राष्ट्रपति शासन तब लगाया गया है जब उच्चतम न्यायालय ने राज्य में 'संवैधानिक तंत्र के पूर्ण रूप से ठप हो जाने' की बात कही, जिसके चलते तीन मई 2023 से अब तक 300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 60,000 से अधिक पुरुषों, महिलाओं और बच्चों का विस्थापन हो चुका है। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति शासन तब लगाया गया जब मणिपुर के सामाजिक ताने-बाने को गंभीर रूप से क्षति पहुंचने दी गयी।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख