ताज़ा खबरें
वक्फ विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी डीएमके: सीएम स्टालिन
'वक्फ संशोधन बिल सिर्फ साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए': सोनिया गांधी
लोकसभा से पास हुआ वक्फ बिल: पक्ष में 288, विरोध में पड़े 232 वोट

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत का अगला मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है। वे निवर्तमान राजीव कुमार की जगह लेंगे। वो 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।

ज्ञानेश कुमार चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी नए कानून के तहत नियुक्त होने वाले पहले मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। इस कानून के तहत चुनाव निकाय प्रमुख के चयन के लिए गठित समिति में चीफ जस्टिस की जगह पर गृह मंत्री को शामिल किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आज सोमवार (17 फरवरी, 2025) को हुई चयन समिति ने उनके नाम को अंतिम रूप दिया और राष्ट्रपति को इसकी सिफारिश की।

चुनाव आयोग में अपने कार्यकाल से पहले ज्ञानेश कुमार कई प्रमुख पदों पर रह चुके हैं। इनमें रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव और सहकारिता मंत्रालय में सचिव जैसे पद शामिल हैं।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी दो दिवसीय भारत की राजकीय यात्रा पर पहुंचे हैं। कतर के अमीर का विमान दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुआ। उनका स्वागत करने के लिए खुद पीएम मोदी इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। अपनी यात्रा के दौरान वे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे।

ऊर्जा और कारोबारी संबंधों पर होगी बात

भारत की दो दिवसीय यात्रा पर कतर के अमीर तमीम बिन हमीद अल-थानी सोमवार को पहुंचे और पीएम नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी। इसमें ऊर्जा और कारोबारी संबंधों पर ही मुख्य तौर पर बात होगी। भारत कतर के सरकारी निवेश फंड से ज्यादा निवेश आकर्षित करने की भी कोशिश कर रहा है और दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता में यह भी एक प्रमुख मुद्दा होगा। पश्चिम एशिया में लगातार तनाव के माहौल को देखते हुए कतर भारत के साथ रक्षा संबंधों को भी मजबूत बनाने पर जोर दे रहा है।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): कांग्रेस सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के नाम तय करने वाली समिति की बैठक अगले एक-दो दिनों के लिए स्थगित करनी चाहिए थी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट संबंधित कानून पर सुनवाई करने वाला है। पार्टी प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने यह दावा भी किया कि चयन समिति से प्रधान न्यायाधीश को बाहर रखने का मतलब है कि यह सरकार इस संवैधानिक संस्था पर अपना नियंत्रण चाहती है।

सरकार को मामले के त्वरित निस्तारण आग्रह करना चाहिए था: सिंघवी

वरिष्ठ अधिवक्ता सिंघवी के मुताबिक, मोदी सरकार को चयन समिति की बैठक करने के बजाय सुप्रीम कोर्ट से आग्रह करना चाहिए था कि मामले का त्वरित निस्तारण हो। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि वर्तमान चयन समिति उच्चतम न्यायालय के दो मार्च, 2023 के उस आदेश का स्पष्ट और सीधा उल्लंघन है जिसमें कहा गया था कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के चयन के लिए प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और प्रधान न्यायाधीश की मौजूदगी वाली समिति होनी चाहिए।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने सोमवार शाम दिल्ली में बैठक की। सूत्रों ने दावा किया है कि समिति ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अगले मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के नाम की सिफारिश कर दी है। सरकार के सूत्रों ने बताया कि अगले सीईसी के नाम की घोषणा करने वाली अधिसूचना ‘‘अगले कुछ घंटों में’’ जारी की जा सकती है। मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी समिति का हिस्सा हैं। मौजूदा सीईसी राजीव कुमार मंगलवार को पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

कोर्ट में सुनवाई के मद्देनज़र बैठक स्थगित की जानी चाहिए थी: कांग्रेस

वहीं, कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के नाम तय करने वाली समिति की बैठक अगले एक-दो दिनों के लिए स्थगित करनी चाहिए थी, क्योंकि उच्चतम न्यायालय संबंधित कानून पर सुनवाई करने वाला है। पार्टी प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने यह दावा भी किया कि चयन समिति से सीजेआई को बाहर रखने का मतलब है कि सरकार इस संवैधानिक संस्था पर अपना नियंत्रण चाहती है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख