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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार (15 फरवरी) की रात 9.30 बजे के आसपास हुई भगदड़ की घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है।

'हादसों के रोकथाम के लिए बने एक्सपर्ट कमेटी'

इस याचिका में ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी के गठन की मांग की गई है। इस भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 14 महिलाएं शामिल थीं, जबकि कई लोग घायल हुए थे​।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक याचिकाकर्ता एडवोकेट विशाल तिवारी ने अदालत से आग्रह किया है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की 2014 की रिपोर्ट "कार्यक्रमों और सामूहिक सभा के स्थानों पर भीड़ प्रबंधन" को लागू किया जाए। रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा उपायों में सुधार किया जाए, जैसे: गलियारों को चौड़ा करना, बड़े ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्म का निर्माण, रैंप और एस्केलेटर की सुविधा, अंतिम समय में प्लेटफॉर्म बदलने से बचना, स्टेशन की क्षमता से अधिक टिकट वितरण न करना।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 की वैधता से संबंधित एक मामले में कई नई याचिकाएं दायर होने पर नाराजगी व्यक्त की। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने यह भी संकेत दिया कि वह दिन के दौरान लंबित अनुसूचित याचिकाओं पर सुनवाई नहीं कर सकती है, जिनकी सुनवाई पहले तीन न्यायाधीशों की पीठ कर चुकी है, क्योंकि यह दो न्यायाधीशों की पीठ बैठी है। सीजेआई ने कहा, 'याचिकाएं दायर करने की एक सीमा होती है। इतने सारे आईए (अंतरिम आवेदन) दायर किए गए हैं। हम शायद इस पर सुनवाई न कर पाएं।' उन्होंने कहा कि मार्च में तारीख दी जा सकती है।

सभी याचिकाएं 17 फरवरी को सुनवाई के लिए थींं सूचीबद्ध

सुप्रीम कोर्ट ने 12 दिसंबर, 2024 के अपने आदेश के माध्यम से विभिन्न हिंदू पक्षों द्वारा दायर लगभग 18 मुकदमों में कार्यवाही को प्रभावी रूप से रोक दिया। इसके बाद शीर्ष अदालत ने सभी याचिकाओं को 17 फरवरी को प्रभावी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया था।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। सवाल यह है कि 18 लोगों की मौत आखिर जिम्मेदार कौन है। 18 लोगों की मौत पर कांग्रेस पार्टी जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। साथ पार्टी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

श्रद्धालुओं के इस नरसंहार का जिम्मेदार कौन?: सुप्रिया श्रीनेत

कांग्रेस वक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेसे से बात करते हुए कहा, “नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कल रात जो हुआ, वो हादसा नहीं 'नरसंहार' है। वहां का मंजर देखकर दिल दहल गया। आस्था और विश्वास से भरे कई श्रद्धालु कुंभ जाने के लिए आए तो जरूर, लेकिन रेलवे प्रशासन की नाकामी के कारण आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक. दम घुटने से 18 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 9 महिलाएं, 4 पुरुष और 5 बच्चे शामिल हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हादसे के चश्मदीदों की बातें सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। कुली भाइयों ने शवों को लाद-लादकर बाहर निकाला। वहां, पुलिस प्रशासन और एंबुलेंस की व्यवस्था तक नहीं थी। अस्पताल में लाशों का अंबार लगा हुआ था।”

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में सोमवार (17 फरवरी, 2025) की सुबह 5.36 मिनट पर भूकंप के जोरदार झटके महसूस हुए। राष्ट्रीय भूकंप केंद्र के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र धौला कुआं के पास बने झील पार्क के नजदीक था।

यूपी और हरियाणा के कई इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए

झटके इतने तेज थे कि इमारतें हिलने लगीं और लोग अपने घरों से बाहर निकल गए। पेड़ों पर बैठे पक्षी भी तेज आवाज के साथ इधर-उधर उड़ने लगे। इसका केंद्र नई दिल्ली में जमीन से पांच किलोमीटर की गहराई पर था। यह 28.59 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.16 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। गहराई कम होने और केंद्र दिल्ली में होने के कारण इसका असर दिल्ली-एनसीआर में ज्यादा महसूस किया गया।

दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, सहारनपुर, अलवर, मथुरा और आगरा तक तेज झटके महसूस हुए। वहीं हरियाणा के कुरुक्षेत्र, हिसार, कैथल तक झटके महसूस हुए।

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