ताज़ा खबरें
टैरिफ से सहमा बाजार:सेंसेक्स 931 अंक गिरा, निफ्टी 23000 से फिसला
बजट में दलित-आदिवासी के लिए उचित हिस्सा कानूनन जरूरी हो: राहुल
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल
वक्फ विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
'वक्फ बिल को थोपा गया, अदालत कर देगी खारिज': अभिषेक सिंघवी
वक्फ विधेयक राज्यसभा से भी पारित,पक्ष में पड़े 128 वोट, विपक्ष में 95

लखनऊ: योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानमंडल में पहला पेपरलेस (बिना कागज का) बजट प्रस्तुत किया। वित्त वर्ष 2021-22 का बजट राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्रस्तुत किया। सदन में लैपटॉप से बजट पढ़ते हुये खन्ना ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को ''आत्म निर्भर'' बनाना तथा सर्वांगीण विकास करना है। 

अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी आदित्यनाथ सरकार के मौजूदा कार्यकाल का पांचवा और आखिरी बजट है। विधान सभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में कोरोना टीकाकरण के लिये 50 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रस्ताव किया है।

किसान आंदोलन के बीच पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने किसानों को भी लुभाने की कोशिश की है। उन्होंने किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा के लिए 700 करोड़ रुपये आवंटन का एलान किया है। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने किसानों को रियायती दाम पर लोन देने का भी एलान किया है।

कासगंज: उत्तर प्रदेश में कासगंज के सिढ़पुरा इलाके में 9 फरवरी को सिपाही की हत्या व दरोगा को घायल करने की सनसनीखेज घटना में मुख्य आरोपी मोती सिंह पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो गया है। गोली लगने के बाद पुलिस मोती को जिला अस्पताल लेकर पहुंची जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बता दें कि सिपाही हत्याकांड के बाद मोती पर पुलिस ने एक लाख रुपये के इनाम रखा था।

पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सोनकर के मुताबिक एक लाख रुपए का इनामी मोती सिंह की रविवार तड़के सुबह करतला रोड काली नदी के पास सिढ़पुरा में पुलिस से मुठभेड़ हो गई। इसमें मोती सिंह ने पुलिस पर गोली चला दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई जिसमें एक गोली मोती को जा लगी। इसके बाद पुलिस उसे घायल हालत में जिला अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि एनकाउंटर के दौरान पुलिस ने मोती के पास से दरोगा की लूटी गई पिस्टल भी बरामद की है।

लखनऊ: मऊ के हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह की हत्या के मामले में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने शनिवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। पुलिस ने विवेचना और शूटर गिरधारी उर्फ डॉक्टर के बयान के आधार धंनजय सिंह को अजीत सिंह की हत्या की साजिश रचने का आरोपी बनाया है। पुलिस की इस अर्जी पर ही कोर्ट ने धनंजय सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। धनंजय पर घायल शूटर राजेश तोमर का इलाज कराने का भी आरोप लगा है। वारंट मिलते ही पुलिस की दो टीमें धनंजय सिंह को गिरफ्तार करने के लिये बना दी गई। शनिवार शाम को पुलिस ने गोमतीनगर विस्तार और गुड़म्बा में धनंजय सिंह के ठिकाने पर दबिश भी दी लेकिन वह हाथ नहीं लगे। एक टीम जौनपुर रवाना कर दी गई है।

छह जनवरी को कठौता चौराहे पर अजीत सिंह को गोलियों से छलनी कर दिया गया था। इस घटना में उसका साथी मोहर सिंह भी घायल हुआ था। मोहर ने एफआईआर करायी थी कि आजमगढ़ जेल में बंद ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू और अखण्ड ने अजीत की हत्या करवायी है।

लखनऊ: राम मंदिर निर्माण के लिए सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव द्वारा दिए गए 11 लाख रुपये के चंदे पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसा। अखिलेश यादव ने कहा कि अवसर ढूंढने वालों ने आपदा में अवसर ढूंढ लिया है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा को क्या दक्षिणा स्वीकार नहीं है। हम राम मंदिर के लिए दक्षिणा दे रहे हैं। अखिलेश यादव ने सीएम योगी को भी घेरा।

उन्होंने कहा कि उन पर आरोप है कि समाजवादी पार्टी ने आतंकवादियों के मुकदमे वापस लिये लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि सपा ने कभी अपने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और बलात्कारियों के मुद्दे कभी वापस नही लिये। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता वर्तमान भाजपा सरकार से परेशान हो चुकी है और अगले चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख