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जालंधर: पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बनने के बाद से ही प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दलों के निशाने पर आए पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने पार्टी की ओर से आज (सोमवार) यहां नशे एवं बदतर कानून व्यवस्था के खिलाफ आयोजित पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया। दरअसल, पंजाब प्रदेश कांग्रेस की ओर से राज्य में बढते नशे के कारोबार तथा बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। इसमें राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया। लेकिन, कांग्रेस के नव नियुक्त पंजाब के प्रभारी कमलनाथ इसमें हिस्सा लेने नहीं पहुंचे। इस संबंध में आज के कार्यक्रम प्रभारी कांग्रेस नेता राणा गुरजीत सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वह इस संबंध में कुछ भी कहने को अधिकृत नहीं हैं, इसलिए संबंधित पदाधिकारियों से ही सवाल किए जाएं। जब यह पूछा गया कि आप धरना कार्यक्रम के प्रभारी हैं तो क्या कमलनाथ को न्यौता भेजा गया था तो राणा ने कहा, ‘‘मैं पहले ही कह चुका हूं कि मैं इन मासलों पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं हूं। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं केवल जालंधर में धरना स्थल की देख रेख के लिए अधिकृत था।’’ गौरतलब है कि रविवार को कांग्रेस ने शकील अहमद के स्थान पर कमलनाथ को पंजाब तथा हरियाणा का नया पार्टी प्रभारी नियुक्त किया गया था।

चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल ने कांग्रेस नेता कमलनाथ को पंजाब में पार्टी का प्रभारी महासचिव बनाये जाने पर निशाना साधा और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इसे ‘सिखों का घोर अपमान’ करार दिया। बादल ने कहा, ‘‘यह सिखों के प्रति संवेदनहीनता की अविश्वसनीय शर्मनाक हरकत है और नवंबर 1984 में कांग्रेस के गुंडों द्वारा हजारों बेगुनाह सिख बच्चों, पुरषों और महिलाओं के नरसंहार के दोषियों को लेकर राष्ट्रीय राय का मूखर्तापूर्ण और अशिष्ट अपमान है। मैं विश्वास नहीं कर सकता कि कोई राजनीतिक दल सिखों की भावनाओं के प्रति इतना संवेदनहीन हो सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात से हैरान हूं कि कांग्रेस आलाकमान सिखों के जख्मों पर नमक छिड़कने की इस हद तक जा रहा है और वहीं उसी समय अपने पापों को लेकर प्रधानमंत्री के स्तर पर पछतावा दिखाने का नाटक कर रहा है। क्या ये वास्तविक पछतावे के संकेत हैं या पुराने जख्मों को कुरेदा जा रहा है।’’ कांग्रेस पर निशाना साधते हुए 1984 के दंगा पीड़ितों के वकील एच एस फुलका ने कहा कि कमलनाथ को पंजाब का कांग्रेस प्रभारी बनाकर पार्टी ने पीड़ितों के जख्मों पर नमक रगड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा, ‘‘दो नवंबर, 1984 को एक राष्ट्रीय अखबार ने खबर प्रकाशित की थी कि रकाबगंज साहिब पर हमला करने वाली भीड़ की अगुवाई कमलनाथ कर रहे थे। तीन नवंबर को एक और राष्ट्रीय अखबार ने भी यही खबर छापी।’’ फुलका ने कहा कि कांग्रेस ने कमलनाथ की नियुक्ति के माध्यम से संकेत दिया है कि पार्टी को पीड़ितों की भावनाओं की कोई चिंता नहीं है।

जालंधर: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का दावा है कि अगर उनकी पार्टी पंजाब चुनाव के बाद सत्ता में आती है तो वह ड्रग्स की समस्या को एक महीने में हल कर देंगे। उन्होंने राज्य में शासित बीजेपी-अकाली दल गठबंधन पर गैरकानूनी धंधों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। जालंधर में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा 'यहां की सरकार ड्रग व्यवसाय को बढ़ावा देती है क्योंकि इससे उनका फायदा पहुंचता है। अगर हम सत्ता में आए तो एक महीने में इस समस्या को हल कर देंगे। बस आपको पुलिस के हाथ खोल देने है। यह सिर्फ कांग्रेस कर सकती है।' इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने उड़ता पंजाब से जुड़े विवाद पर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि पंजाब ड्रग्स की गंभीर समस्या से जूझ रहा है और फिल्म को सेंसर करने से बात नहीं बनेगी। गांधी ने यह भी कहा कि राज्य में अकाली दल का बीजेपी के साथ गठबंधन है और इसलिए भाजपा भी पंजाब में पैर पसारते ड्रग्स के कारोबार के लिए बराबरी से जिम्मेदार है। हालांकि आप नेता भगवंत मान का कहना है कि गांधी को पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे पर बोलने का किसी तरह का नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि इससे पहले कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस समस्या को सुलझाने में नाकाम रहे थे।

अमृतसर: पंजाब के फल्जिका में भारत-पाक सीमा पर बीएसएफ के जवानों ने तस्करी की कोशिश को नाकाम करते हुए दो पाकिस्तानी तस्करों को मार गिराया और उनकी गोलीबारी में एक तस्कर घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना देर रात करीब दो बजे की है, जब सीमा सुरक्षा बल के कर्मियों ने सोहना सीमा चौकी अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संदिग्ध हलचल महसूस की। उन्होंने घुसपैठियों को ललकारा। एक अधिकारी ने बताया, ‘दो पाकिस्तानी नागरिक मारे गए और एक अन्य घायल हो गया जिसे पकड़ लिया गया है। उनके पास से मादक पदार्थ के 15 पैकेट बरामद हुए हैं और आशंका है कि ये पैकेट हेरोइन के हैं। उनके पास से हथियार और गोलाबारूद भी जब्त किया गया है। ऐसा लगता है कि यह सीमा पार से मादक पदार्थ की तस्करी का मामला है।’’ अधिकारियों ने बताया कि मारे गए दोनों तस्करों के शव मिल गए हैं और इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी सीमावर्ती इलाकों में पहुंच गए हैं तथा विस्तृत ब्यौरे की प्रतीक्षा है।

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