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भोपाल: मध्य प्रदेश में बीते कुछ दिनों में आयकर विभाग और लोकायुक्त की कार्रवाईयों में हुए बड़े खुलासे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार की बाढ़ आई हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार की बाढ़ आई हुई है। बड़े-बड़े घोटाले सामने आ रहे हैं। महंगाई और बेरोजगारी ने जनता को दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष की कतार में लगा दिया है, वहीं बीजेपी नेताओं और अफसरों के गठजोड़ ने मध्यप्रदेश की नीलामी चालू कर दी है।

बीजेपी नेताओं और अफसरों ने लूट मचा रखी है: कमलनाथ

उन्होने आगे कहा, "पुलिस के एक सिपाही के पास से 54 किलो सोना, 10 करोड़ नकद और सैकड़ों करोड़ के लेनदेन की जानकारी मिलना बताता है कि मध्यप्रदेश भाजपा नेताओं और अफसरों ने किस तरह से लूट मचा रखी है। भ्रष्टाचार की हद देखिए कि उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन टिकट में भी भ्रष्टाचार हो रहा है। कर्मचारी छह महीने में करोड़ों के प्लॉट और नकदी से खेल रहे हैं। भ्रष्टाचार के इन राक्षसों ने भगवान तक को नहीं छोड़ा है।

भोपाल (जनादेश ब्यूरो): मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के पास करोडों रुपये की संपत्ति मिलने के बाद कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि बीते 20 साल में परिवहन विभाग में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का घपला हुआ है।

जीतू पटवारी बोले- कांग्रेस जाएगी कोर्ट

जीतू पटवारी ने कहा कि इस मामले की सीबीआई या सेवा निवृत्त न्यायाधीश से जांच की मांग को लेकर कांग्रेस उच्च न्यायालय जाएगी। कांग्रेस कार्यालय में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए पटवारी ने कहा कि परिवहन विभाग के एक पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के यहां करोड़ों की संपत्ति मिली। फिर एक कार में 52 किलोग्राम सोना तथा 10 करोड़ रुपये नकद मिले हैं। लोकायुक्त और आयकर की कार्रवाई से दो दिन पहले सौरभ दुबई चला जाता है। इसका आशय साफ है कि उसे जांच एजेंसी से ही छापे की सूचना मिली होगी। जीतू पटवारी का कहना है कि जब एक आरक्षक के यहां करोड़ों की संपत्ति मिल सकती है तो परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव तथा मंत्री के पास कितनी संपत्ति होगी।

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार स्कूली बच्चों के लिए तमाम प्रयास तरह के प्रयास कर रही है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी तादाद में बच्चे स्कूल छोड़ रहे हैं। इसका सबसे बुरा असर राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों पर देखने को मिल रहा है। इन क्षेत्रों में हालात चिंताजनक हैं, बुनियादी ढांचा अपर्याप्त है। आलम यह है कि कई स्कूलों में फर्नीचर की कमी है। इन स्कूलों में छात्र अक्सर कक्षाओं के दौरान फर्श पर बैठते हैं। साथ ही राज्य के स्कूलों में साफ-सफाई बड़ा मुद्दा है। इन तमाम कारणों के चलते बड़ी तादाद में बच्चे स्कूल छोड़ रहे हैं। जिसमें लड़कियों की तादाद सबसे अधिक है।

राज्य के स्कूलों में करीब 70 हजार पद खाली

मध्य प्रदेश के स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात बदतर स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षकों की गैरमौजूदगी से रेगुलर क्लास पर विपरीत असर पड़ रहा है। साथ ही संबंधित विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है। राज्य के काफी स्कूलों में गणित और विज्ञान के शिक्षकों की कमी है। जिस वजह से अन्य विषयों के शिक्षकों से गणित और विज्ञान विषय की पढ़ाई करवाई जाती है।

भोपाल: देश में ट्रेन हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार मध्‍य प्रदेश में रविवार को एक चलती ट्रेन में आग लग गई। इसके कारण यात्रियों में हड़कंप मच गया और कई यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर अपनी जान बचाई। यह ट्रेन इंदौर से रतलाम जा रही थी। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने अपने एक बयान में कहा कि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है और आग पर काबू पा लिया गया है।

पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के सीपीआरओ ने बयान में कहा, "रविवार शाम 5:20 पर ट्रेन संख्‍या 09347 डॉ. अम्बेडकर नगर-रतलाम डेमू ट्रेन में आग लग गई। यह आग रुनिजा और नौगांव के बीच में लगी। घटना के बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। आग पर काबू पा‍ लिया गया है।"

पश्चिम रेलवे ने बताया कि इंदौर से रतलाम जा रही डेमू ट्रेन के इंजन में यह आग लगी। उस वक्‍त ट्रेन रुनिचा से प्रीतम नगर के बीच में थी। घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड को घटनास्‍थल के लिए रवाना किया गया, लेकिन फायर ब्रिगेड के पहुंचने का रास्ता ही नहीं था।

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