ताज़ा खबरें
टैरिफ से सहमा बाजार:सेंसेक्स 931 अंक गिरा, निफ्टी 23000 से फिसला
बजट में दलित-आदिवासी के लिए उचित हिस्सा कानूनन जरूरी हो: राहुल
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार को घेरते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि भोपाल स्थित मध्य प्रदेश सचिवालय कार्यालय में बिचौलियों का मजबूत गठजोड़ काम कर रहा है और वे परियोजनाओं और धन के आवंटन का फैसला कर रहे हैं। राज्य में विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करने और मध्य प्रदेश की शासन प्रणाली में तत्काल पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अपनी चिंताओं को उठा रही है।

कांग्रेस नेता ने मोहन यादव के मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रियों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शासन प्रणाली कमीशन प्रणाली बन गई है। मध्य प्रदेश में शायद ही कोई ऐसा विभाग होगा, जहां जनता का काम बिना रिश्वत दिए हो सकता हो। पटवारी ने मुख्यमंत्री यादव को सलाह दी कि वे राज्य सरकार के प्रत्येक विभाग में शामिल इन कमीशन एजेंटों का पता लगाने के लिए औचक निरीक्षण करें। पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया है। गूगल पर सबसे भ्रष्ट राज्य के बारे में सर्च करें, तो मध्य प्रदेश इस सूची में सबसे ऊपर है।

भोपाल (जनादेश ब्यूरो): मध्य प्रदेश के मंडला जिले में कांग्रेस के एक विधायक ने परिवीक्षाधीन (ट्रेनी) आईएएस अधिकारी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और उन पर उनकी मां के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। घुघरी थाना प्रभारी पूजा बघेल ने बताया कि बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा ने शनिवार को उपसंभागीय मजिस्ट्रेट आकिब खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। ट्रेनी

विधायक ने आरोप लगाया कि खान ने कथित तौर पर अवैध खनन में शामिल होने के संदेह में एक जेसीबी चालक का पीछा करते हुए उनके (पट्टा के) घर में प्रवेश किया, चालक की पिटाई की और उनकी (विधायक की) मां के साथ भी धक्का-मुक्की की एवं दुर्व्यवहार किया। थाना प्रभारी ने कहा कि अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खान ने आरोप पर प्रतिक्रिया मांगने के लिए फोन का जवाब नहीं दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंडला का दौरा किया और जिलाधिकारी सोमेश मिश्रा से संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की जन सुनवाई के दौरान प्राप्त आवेदनों को फेंकने के मामले में पांच सरकारी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। सिंधिया के कार्यालय द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई जानकारी के अनुसार, शनिवार को शिवपुरी के पिछोर में 'जन सुनवाई' शिविर आयोजित किया गया।

इसमें कहा गया है कि जानकारी मिली है कि कुछ आवेदनों को कूड़ेदान में फेंक दिया गया, जबकि सिंधिया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी आवेदनों को उचित तरीके से सूचीबद्ध किया जाए और उनका तुरंत समाधान किया जाए।

सिंधिया के कार्यालय ने कहा कि घटना को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया और मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। जिले के एक अधिकारी ने बताया, “इस लापरवाही के लिए तीन पटवारियों और दो अन्य लिपिकीय कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।”

भोपाल (जनादेश ब्यूरो): मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में जेके सीमेंट के कारखाने में गुरुवार सुबह एक स्लैब ढह जाने से चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि भोपाल से 350 किलोमीटर दूर अमानगंज कस्बे के पास स्थित कारखाने की निर्माणाधीन इकाई में सुबह करीब 10 बजे यह हादसा हुआ। घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।

बिहार के पूर्णिया जिले के है तीन मृतक मजदूर, 15 व्यक्ति हुए घायल

उप महानिरीक्षक (डीआईजी)  ललित शाक्यवार ने बताया, ‘‘बिहार के पूर्णिया जिले के तीन और पन्ना जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के एक मजदूर समेत चार लोगों की मौत हो गई जबकि 15 व्यक्ति घायल हो गए हैं।’’ उन्होंने बताया कि बचाव अभियान समाप्त हो गया है और इस दौरान एक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह पता लगाया गया कि कोई व्यक्ति अभी भी मलबे में दबा है या नहीं।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख