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भोपाल: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनाव में संख्या बल नहीं होने के बावजूद बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के नामांकन के बाद जताई जा रही आशंका सच साबित हुई है। रिटर्निंग अफसर ने बीजेपी की आपत्ति के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया है। कांग्रेस ने इसे बीजेपी की साजिश बताते हुए फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है।

राज्य से राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के मैदान में आने के बाद से ही किसी बड़े खेल या हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका जताई जा रही थी। इसी आशंका के तहत आज दिन में रणनीति के तहत कांग्रेस ने अपने विधायकों को बेंगलुरु भेजने का फैसला किया। लेकिन भोपाल हवाई अड्डे पर पहले तो कांग्रेस विधायकों को घंटों तक अंदर ही नहीं जाने दिया गया। फिर उसके बाद जब विधायक विमान में बैठे तो उसे उड़ने की इजाजत ही नहीं दी गई। इसी बीच, बीजेपी ने नटराजन के नामांकन पत्र पर गंभीर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने तेलंगाना की अदालत में लंबित एक मामले की जानकारी छिपाई है।

भोपाल: राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है। बीजेपी ने नामांकन फॉर्म पर आपत्ति जताई थी और आरोप लगाया था कि इसमें जानकारी छिपाई गई है।

आरोप लगाया गया कि उन्होंने क्रिमिनल केस की जानकारी नहीं दी। कर्नाटक से आने वाली मीनाक्षी नटराजन को सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों का करीबी माना जाता है।

पार्टी सांसद विवेक तन्खा ने क्या कहा?

इस बीच पार्टी के सीनियर नेता, राज्यसभा सांसद और जाने माने वकील विवेक तन्खा ने एक्स पोस्ट में कहा, "मीनाक्षी नटराजन जी के नॉमनोनेशन के बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है। कोई क्रिमिनल केस रजिस्टर्ड नहीं है। मात्र एक नोटिस आया है कि उनके और अन्य लोगों के खिलाफ 10 करोड़ कंपनसेशन की कार्यवाही क्यों ना की जाए। जिस नोटिस का मीनाक्षी जी के वकील ने जवाब दिया है। एफआईआर दर्ज नहीं है।"

भोपाल: ट्विशा डेथ केस में भोपाल की जिला अदालत ने मंगलवार (2 जून) को पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। सेशन जज शोभना भालवी की अदालत ने यह फैसला दिया। इससे पहले 29 मई को कोर्ट ने दोनों को 5 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा था। आज यानि 2 जून को दोनों की रिमांड खत्म हो रही थी।

27 मई को हुई थी गिरिबाला की गिरफ्तारी

सीबीआई ने गुरुवार (27 मई) को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में गिरिबाला सिंह के घर पर सात घंटे से ज्यादा की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी गुरुवार (27 मई) को तब हुई, जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। समर्थ सिंह को 12 मई को ट्विशा शर्मा की मौत के बाद, लगभग एक सप्ताह तक लापता रहने के बाद, भोपाल पुलिस ने 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया था। समर्थ सिंह को सबसे पहले 23 मई को भोपाल में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत में पेश किया गया था।

भोपाल: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी उनकी सास एवं पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने बुधवार को गिरिबाला की अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी।

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई की एक टीम ने गिरिबाला को हिरासत में लेने से पहले भोपाल के बाग मुग़लिया एक्सटेंशन क्षेत्र स्थित उनके आवास पर उनसे पूछताछ की। ट्विशा का अधिवक्ता पति समर्थ सिंह पहले से ही केंद्रीय एजेंसी की हिरासत में है।

अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई दोनों आरोपियों के बयानों के संबंध में आमना-सामना कराकर उनसे हिरासत में पूछताछ करने की योजना बना रही है, ताकि 12 मई को 33 वर्षीय ट्विशा की मौत से संबंधित परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी गिरिबाला को सक्षम अदालत के समक्ष पेश कर उनकी हिरासत की मांग करेगी।

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