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मुंबई: पेपर लीक मामले को लेकर विरोध कर रहे छात्रों के समर्थन में शिवसेना यूबीटी विधायक आदित्य ठाकरे ने दादर में तिरंगा रैली निकाली। इस दौरान आदित्य ठाकरे ने पीएम मोदी और बीजेपी सरकार को जमकर घेरा। आदित्य ठाकरे ने कहा कि कल किसी ने इंस्टग्राम पर वीडियो देखा। पीएम मोदी की वीडियो की बात कर रहे थे।

आदित्य ठाकरे ने पीएम मोदी से पूछे तीखे सवाल

उन्होंने कहा कि क्या आप पेपर लीक होने के बाद उनके दोस्त बन सकते हैं? क्या आप संविधान के खिलाफ अत्याचार करने वालों के दोस्त हो सकते हैं? क्या आप हिंदू और मुसलमानों करने वाले के दोस्त हो सकते हैं? क्या मैं उन लोगों का दोस्त बन सकता हूं जो मुश्किल समय में विदेश चले जाते हैं? जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, क्या आप शांत रहेंगे? ऐसे सवाल पर आदित्य ठाकरे ने आंदोलन करने वालों से अपील की है कि जब तक प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक हार न मानें।

मुंबई/पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में शुक्रवार को तेज बारिश के बावजूद छात्रों सहित हजारों लोगों ने विशाल मार्च निकाला और नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। वहीं मुंबई के दादर में शिवसेना (यूबीटी) की अगुवाई में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

पुणे में चार किलोमीटर लंबा मार्च, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शुक्रवार को पुणे में 18वीं सदी के प्रसिद्ध किले शनिवारवाड़ा से शहर के मध्य स्थित जिला कलेक्टर कार्यालय तक चार किलोमीटर लंबे इस मार्च का आयोजन किया। इस मार्च में विद्यार्थियों, कामकाजी पेशेवरों, वकीलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में पुलिस द्वारा विद्यार्थियों पर किए गए लाठीचार्ज की निंदा की और प्रधान का इस्तीफा मांगा। एक प्रदर्शनकारी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि बार-बार हो रहे प्रश्नपत्र लीक के लिए सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

मुंबई (जनादेश ब्यूरो): नीट पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों की पिटाई के मामले पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। दोनों नेताओं ने कहा कि छात्रों पर जो दबाव डाला जा रहा है और उन्हें जिस तरह पीटा जा रहा है, उसका असर पूरे देश में दिख रहा है।

छात्रों के समर्थन में 26 जुलाई को मुंबई मार्च का एलान

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादतियों और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर छात्रों एवं उनके अभिभावकों की चिंता को व्यक्त करने के लिए 26 जुलाई को मुंबई में मोर्चा निकालेंगे। उद्धव ने संवाददता सम्मेलन में कहा कि सरकार निष्ठुर हो गई है लेकिन छात्र अब किसी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘क्या प्रधानमंत्री उन पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी लेंगे जिन्होंने छात्रों से मारपीट की और महिला प्रदर्शनकारियों के कपड़े फाड़े?’’

अहिल्यानगर: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के समर्थन में बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में दो घंटे का ‘मौन आंदोलन’ किया। अन्ना ने अहिल्यानगर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास पूर्वाह्न 11 बजे अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया और अपराह्न एक बजे इसे समाप्त किया। इसके बाद वह इसी जिले में स्थित अपने गांव रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो गए।

हजारे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बुधवार को पत्र लिखकर कहा था, ‘‘हिंसा और पुलिस कार्रवाई की खबरें बेहद पीड़ादायक हैं।’’ उन्होंने पत्र में कहा था कि प्रदर्शनकारियों के असंतोष को ‘‘कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं, बल्कि समाज की पीड़ा और अपेक्षाओं के रूप में देखा जाना चाहिए।’’

हजारे ने लिखा था कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने को कहा जाता है तो ‘‘इससे सरकार नहीं गिरेगी, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगी।’’

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