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शिलांग: मेघालय में रिक्त सरकारी पदों को भरने की मांग को लेकर शुक्रवार को शिलांग में आयोजित एक रैली में हिंसा भड़क गई। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की सूचना है। प्रदर्शनकारियों ने राहगीरों पर लाठियों से हमला किया और वाहनों को नुकसान पहुंचाया, जिससे हिंसा भड़की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मारपीट के दौरान घायल हुए लोगों में एक स्थानीय समाचार पत्र का वीडियो पत्रकार भी शामिल है।

रैली का आयोजन करने वाले फेडरेशन ऑफ खासी जयंतिया एंड गारो पीपल (एफकेजेजीपी) के अध्यक्ष डंडी खोंगसिट ने हिंसा पर खेद व्यक्त किया और मीडियाकर्मी पर हमले के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं दुखी हूं और मैं एक मीडियाकर्मी पर हुए हिंसक हमले के लिए माफी मांगता हूं। आज हमारी ताकत और शक्ति दिखाने का समय नहीं है, लेकिन अगर सरकार युवाओं के मुद्दों का समाधान नहीं करती है, तो इसे शुरुआत समझा जा सकता है।'' एफकेजेजीपी लंबे समय से राज्य सरकार में खाली पदों को तत्काल भरने की मांग कर रहा है।

नई दिल्लीः मेघालय में वेश्यालय चलाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। मेघालय पुलिस से मिल रही है जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले में राज्य भाजपा के उपाध्यक्ष बर्नार्ड मारक भी शामिल हैं। मेघालय पुलिस ने दावा किया है कि शुक्रवार की रात मारक के रिसॉर्ट में छापेमारी के बाद इस रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यह रिसॉर्ट पश्चिम गारो पहाड़ी जिलों के तुरा की है। पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर आरोपी नेता की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस ने 73 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

पुलिस ने शनिवार इसी रिसॉर्ट से पांच बच्चों को भी अपने कब्जे में लिया है। घटना के सामने आने के बाद से ही रिसॉर्ट मालिक ‘फरार‘ हैं। वहीं, इस घटना को लेकर मारक ने एक बयान भी जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा कि पुलिस ने ये रेड बगैर किसी वारंट के किया है। उन्होंने मेघालय सीएम पर भी उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाया है। इन सब के बीच पुलिस इस मामले को फरवरी में दर्ज हुए मामले से जोड़कर देख रही है। वहीं, मेघालय भाजपा इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे बैठी है।

नई दिल्ली: मेघालय के री-भोई जिले में गुरुवार को आए चक्रवाती तूफान में 1000 से अधिक घर प्रभावित हुए, लेकिन किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया जिले के 47 गांव तूफान से प्रभावित हुए हैं, जिसमें वहां के कई घरों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी है।" उन्होंने कहा चक्रवाती तूफान में नष्ट होने वाली सरकारी संपत्तियां मे बीडीओ कार्यालय, एक स्कूल, एक लोक निर्माण विभाग कार्यालय और पशु चिकित्सा शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों को प्रभावित गांवों में निकासी और बहाली कार्यों के लिए तैनात किया गया है। अधिकारी ने कहा कि जिला उपायुक्त ने स्थिति का जायजा लेने के लिए सभी संबंधित बीडीओ के साथ आपात बैठक की। इस बीच, सभी लाइन विभागों– पुलिस, वन और पीडब्ल्यूडी (आर) को तुरंत मंजूरी और बहाली के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए तैनात किया गया था। मेघालय एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने प्रभावित जिले में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए तुरंत अपनी टीम भेजी।

नई दिल्ली: मेघालय उच्च न्यायालय ने एक केस की सुनवाई करते हुए कहा है कि बिना कपड़े उतारे की गई जबरदस्ती भी बलात्कार की श्रेणी में आती है और आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 375 (बी) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति डब्ल्यू डिएंगदोह की खंडपीठ ने 10 साल की बच्ची के कथित बलात्कार से जुड़े एक मामले पर सुनवाई करते हुए ये बात कही है। साथ ही निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें आरोपी को दोषी ठहराया गया था। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीशों ने कहा कि एक हफ्ते बाद मेडिकल जांच के दौरान लड़की के गुप्तांगों में दर्द था और उससे यौन संबंध बनाने के पर्याप्त सबूत हैं।

हालांकि आरोपी ने दावा किया कि उसने उसके नीचे के कपड़े नहीं उतारे। 31 अक्टूबर 2018 को, एक ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया और उसे 10 साल जेल की सजा सुनाई और साथ ही 25,000 का जुर्माना भी लगाया। दोषी ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और कहा था कि लड़की का अंडरवियर नहीं निकला गया था, ऐसे में उसपर बलात्कार का आरोप नहीं लगाया जा सकता है।

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