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'आतंकवाद के आरोपी अमेरिकी नागरिक को इतनी छूट क्यों': कांग्रेस
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गुवाहाटी: मेघालय में हुए बड़े सियासी उलटफेर ने देश की निगाहें पूर्वोत्‍तर के इस छोटे से राज्‍य पर केंद्रित कर दी है। कांग्रेस के करीब एक दर्जन विधायक, पार्टी छोड़कर ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी से जुड़ गए हैं। मेघालय के पूर्व सीएम मुकुल संगमा ने उन कारणों का खुलासा किया जिसके कारण वे और 11 अन्‍य विधायक पार्टी छोड़ने को मजबूर हुए। संगमा ने इस बात पर अफसोस जतााया कि कांग्रेस प्रभावी विपक्षी पार्टी की भूमिका पर खरी नहीं उतरी। संगमा और अन्‍य 11 विधायकों का टीएमसी में शामिल होने का निर्णय विंसेंट पाल को मेघालय कांग्रेस प्रमुख बनाए जाने को लेकर चली नाराजगी के बीच सामने आया है।

मुकुल संगमा ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि पार्टी से इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायकों ने टीएमसी में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, देश की बेहतरी के लिए हमने तृणमूल कांग्रेस के साथ जाने का फैसला किया है। हम राज्य के लिए भविष्य के लिए नया ट्रेंड स्थापित कर रहे हैं।

नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को गुरु नानक जयंती के मौके पर राष्ट्र के नाम संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा की थी। मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने इसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी है। उन्‍होंने बुधवार को कहा कि आपने बहुत अच्छा काम किया है, आप समाधान की तरफ आगे बढ़े हैं। किसानों की एमएसपी की मांग मान लें और एक कमेटी बना दें तो यह मसला हल हो जाएगा और किसान धरना स्‍थलों से उठ जाएंगे।

सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसानों की सभी मांगें नहीं मानी गई हैं। एमएसपी उनकी मूल मांग है। सरकार को इस मांग को स्वीकार कर एक कमेटी बनानी चाहिए। अगर वे ऐसा करते हैं तो किसान अपना आंदोलन वापस ले लेंगे। मैं एमएसपी और अन्य मुद्दों के समाधान के लिए समितियां गठि‍त किए जाने की दशा में किसानों से घर जाने की गुजारिश करूंगा। मैं उन्हें सलाह दूंगा कि वे इसे (विरोध) अनावश्यक रूप से ना बढ़ाएं। एमएसपी उनकी मूल मांग है और मैं इस मुद्दे पर उनके साथ हूं।

नई दिल्ली: हरियाणा के करनाल में किसानों पर लाठी चार्ज कराने के मामले में मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक ने फिर से भाजपा सरकार की आलोचना की है और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को किसानों से माफ़ी मांगने को कहा है। एनडीटीवी से बातचीत में गवर्नर ने कहा कि किसानों पर लाठी चार्ज का आदेश देने वाले एसडीएम को फौरन बर्खास्त किया जाय।

सत्यपाल मलिक ने कहा कि आरोपी एसडीएम नौकरी में रहने के लायक नहीं है, जबकि खट्टर सरकार उसे संरक्षण दे रही है। उन्होंने इस बात पर भी दुख जताया कि 600 किसानों की मौत हुई लेकिन सरकार की तरफ से किसी ने सांत्वना के एक शब्द भी नहीं बोले। उन्होंने कहा, "मैं एक किसान का बेटा हूं। उनका मर्म जानता हूं।"

गवर्नर ने आरोप लगाया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जानबूझकर किसानों पर लाठी चलवा रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार ने किसानों पर बल प्रयोग नहीं किया। उन्होंने कहा, "किसान आंदोलन को देखते हुए मैंने शीर्ष नेतृत्व से बोला था कि किसानों पर बल प्रयोग न करें।"

शिलॉंग: मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के काफिले पर मंगलवार को कुछ शरारती तत्वों ने हमला बोल दिया। बताया गया है कि मलिक गुवाहाटी एयरपोर्ट से लौट रहे थे। इस दौरान उनके काफिले में चल रही कारों पर कुछ लोगों ने पत्थर बरसा दिए। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। 

बता दें कि मेघालय में 18 अगस्त की सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू लागू है। फिलहाल कम से कम चार जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद है। सरकार ने यह फैसला स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रतिबंधित हाइनीवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल के स्वयंभू महासचिव चेरिस्टरफील्ड थांगखियू की शव यात्रा के दौरान उसके समर्थकों द्वारा की गई तोड़-फोड़ और हिंसा के बाद की। थांगखियू हाल में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारा गया था, जिसे लेकर शिलॉन्ग में हिंसा भड़क उठी थी।  दो दिन पहले ही मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा के घर पर रविवार रात अज्ञात बदमाशों ने पेट्रोल बम फेंक दिया था। वाहन पर सवार होकर आए उपद्रवियों ने ऊपरी शिलांग के थर्ड माइल में स्थित मुख्यमंत्री के निजी आवास के परिसर में पेट्रोल से भरी दो बोतलें फेंक दीं। इस घटना में भी कोई हताहत नहीं हुआ था।

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