लखनऊ: अयोध्या मामले की सुनवाई अगले साल जनवरी तक टलने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। यूपी के सीएम ने कहा कि न्याय में देरी से लोगों को निराशा होती है, लेकिन कोई न कोई रास्ता अवश्य निकलेगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए योगी ने कहा, 'देश की न्यायपालिका के प्रति सबका सम्मान है और हम भी उन संवैधानिक बाध्यताओं से बंधे हुए हैं। स्वाभाविक रूप से अगर न्याय में देरी होती है तो लोगों को निराशा होती है।'
उन्होंने कहा, 'इस समस्या के समाधान के लिए हम लोग व्यापक विचार-विमर्श कर रहे हैं और कोई न कोई रास्ता अवश्य निकलेगा। मेरा ये विश्वास है।' इस सवाल पर कि क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के नाते आप भी प्रस्ताव रखेंगे कि अध्यादेश लाना एक रास्ता है जिस पर विचार करना चाहिए। योगी ने कहा, 'देखिये अब ये मामला माननीय उच्चतम न्यायालय में है, लेकिन देश की शांति और सौहार्द्र के लिए व्यापक आस्था का सम्मान करने के लिए जो भी विकल्प हो सकते हैं, उन सब विकल्पों पर विचार होना चाहिए।'
उन्होंने कहा, 'अच्छा होता कि न्यायालय इस मामले की जल्दी सुनवाई करके देश के व्यापक सौहार्द्र और शांति के लिए इस मामले में जल्दी फैसला कर देता, लेकिन मुझे लगता है कि अभी फिलहाल इस तरह की संभावनाएं नहीं दिखती है।'