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ह्यूस्टन: अमेरिका के दक्षिण पश्चिम ह्यूस्टन के एक स्ट्रिप मॉल में एक बंदूकधारी ने कई राउंड गोलियां चलायी, जिसमें कई लोग घायल हो गये। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बंदूकधारी पर गोली चला दी। हालांकि उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। ह्यूस्टन पुलिस ने ट्वीट कर कहा, ‘वेस्लायन और बिस्सोन्नेट में गोलीबारी कर रहे एक व्यक्ति पर हमारे अधिकारियों ने गोली चला दी। अभी किसी अन्य संदिग्ध के बारे में कोई सूचना नहीं है।’ कई लोगों को निकटतम अस्पताल में ले जाया गया। रैंडल्स के निकट दक्षिण पश्चिम ह्यूस्टन के वेस्लायन और बिस्सोन्नेट में हुई इस घटना की सबसे पहले जानकारी सुबह के करीब साढ़े छह बजे मिली। ह्यूस्टन क्रॉनिकल की खबर के मुताबिक पुलिस ने ला और वेस्लायन चौराहे पर नाकाबंदी कर दी है।
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बीजिंग: एक हफ्ते के अंदर दूसरी बार चीन ने पाकिस्तान की मीडिया में युद्ध की स्थिति में उसका साथ देने और कश्मीर मुद्दे पर उसके दावे का समर्थन करने वाली खबरों का आज खंडन किया। ‘एक दोस्त और पड़ोसी’ के नाते चीन एक बार फिर भारत और पाकिस्तान से अपील करता है कि कश्मीर सहित विभिन्न विवादों के ‘उचित’ समाधान के लिए वार्ता करे जो ‘विरासत में मिले हैं।’ उसने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए संयुक्त रूप से काम करने के लिए भी कहा। लाहौर में पाकिस्तान के महावाणिज्यदूत यू बोरेन की कथित टिप्पणी के बारे में पूछने पर कि क्या युद्ध होने या कश्मीर के मुद्दे पर चीन इस्लामाबाद का समर्थन करेगा तो चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने संवाददाताओं से कहा कि राजदूत के इस तरह की किसी टिप्पणी के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जो आप बता रहे हैं उस स्थिति के बारे में मुझे नहीं पता। लेकिन समसामयिक मुद्दे पर चीन का रूख स्थिर और स्पष्ट है।’ उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान और भारत दोनों के पड़ोसी और दोस्त के रूप में हमें उम्मीद है कि दोनों देश अपने मतभेदों का समाधान वार्ता और विचार..विमर्श, स्थिति को नियंत्रित और प्रबंध कर करेंगे और दक्षिण एशिया की शांति और स्थिरता तथा क्षेत्र की प्रगति के लिए काम करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘कश्मीर मुद्दे के संबंध में हमारा मानना है कि यह मुद्दा इतिहास से विरासत में मिला है। हमें उम्मीद है कि संबंधित पक्ष शांतिपूर्ण तरीके से और उचित तरीके से मुद्दे का समाधान करेंगे।’ वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ से यू की मुलाकात के दौरान महावाणिज्य दूत की टिप्पणियों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।
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बीजिंग: मध्य चीन के हुबेई प्रांत में भारी सूखे के कारण पिछले तीन सप्ताह से ज्यादा समय से 2.37 लाख से अधिक लोग पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। प्रांत के बाढ़ नियंत्रण एवं सूखा राहत विभाग मुख्यालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि इस माह की शुरुआत से अब तक इस प्रांत में औसतन 10.5 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह मात्रा सामान्य बारिश का महज 10 प्रतिशत है। इसमें कहा गया कि प्रांत का उत्तर-पश्चिमी हिस्सा सूखे से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के अनुसार, सूखे से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों- शियान और यिचांग में 2.37 लाख लोग और 1.7 लाख मवेशी पेयजल की कमी का सामना कर रहे हैं। इस बीच, 1.23 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य जमीन सूखे के कारण प्रभावित हुई है। इसके कारण इस साल की फसल के लिए भारी चुनौतियां पैदा हो गई हैं। प्रांतीय सरकार ने सूखाग्रस्त गांवों और कस्बों में राहत के लिए पानी से भरे वाहन भेजे हैं।
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने कहा है कि भारत में राजनीतिक शरण मांगने वाले बलूच नेता ब्रह्मदाग बुगती के प्रत्यर्पण के लिए वह इंटरपोल की मदद लेगा। एक मीडिया रिपोर्ट से यह बात सामने आई है। पाकिस्तान सरकार ने बुगती के प्रत्यर्पण के लिए इंटरपोल को पत्र लिखने का फैसला किया है। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने गृह मंत्री निसार अली खान के हवाले से कहा है, ‘ब्रह्मदाग बुगती के प्रत्यर्पण के लिए संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) अगले कुछ दिन में इंटरपोल को एक औपचारिक अनुरोध भेजेगी।’ पाकिस्तान ने कल भारत को चेतावनी दी थी कि बुगती को शरण देकर वह ‘आतंकवाद का आधिकारिक प्रायोजक’ बन जाएगा। स्विट्जरलैंड में रह रहे बुगती ने मंगलवार को जिनेवा स्थित भारतीय दूतावास का रूख कर भारत में शरण दिए जाने की मांग की थी और भरोसा जताया था कि नई दिल्ली से सकारात्मक जवाब आएगा। भारतीय गृह मंत्रालय को राजनीतिक शरण की मांग संबंधी बुगती का आवेदन प्राप्त हो चुका है और वह इस पर विचार कर रहा है। बुगती बलूच रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष और संस्थापक हैं। वह बलूच राष्ट्रवादी नेता नवाब अकबर खान बुगती के पोते हैं। पाकिस्तानी थलसेना ने 2006 में नवाब अकबर खान बुगती की हत्या कर दी थी। पाकिस्तान सरकार ने 2010 में बुगती के पाकिस्तान से अफगानिस्तान के रास्ते जिनेवा भागने में भारत पर उनकी मदद करने का आरोप लगाया था।
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