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देहरादून: उत्तराखंड में हिमस्खलन में 10 पर्वतारोहियों की मौत की खबर है जबकि 11 अन्य की तलाश जारी है। बता दें, राज्‍य के के द्रौपदी का डंडा-2 पर्वत चोटी पर हिमस्खलन के कारण नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के दो दर्जन से अधिक प्रशिक्षुओं के फंसे होने की सूचना थी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट कर बताया है कि हिमस्खलन में फंसे पर्वतारोही प्रशिक्षार्थियों को बचाने के लिए जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और आईटीबीपी के जवानों द्वारा तेजी से राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। भारतीय वायु सेना ने राहत और बचाव कार्य के लिए दो चीता हेलीकॉप्टर भेजे हैं।

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने मीडिया को बताया था कि द्रौपदी के डंडा-2 पर्वत शिखर पर हिमस्खलन में फंसे एनआईएम के 28 प्रशिक्षुओं में से 8 प्रशिक्षुओं को सुरक्षित बचा लिया गया है और बाकियों की खोज और बचाव के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर तैनात किया गया है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार आज सुबह करीब नौ बजे हिमस्खलन की घटना हुई।

देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराये जाने की मांग को लेकर रविवार को उत्तराखंड क्रांति दल द्वारा आहूत राज्यव्यापी बंद का मिलाजुला असर रहा। यहां के मुख्य बाजार क्षेत्रों में कई दुकानें बंद रहीं, जबकि कई अन्य प्रतिष्ठान सामान्य दिनों की तरह कारोबार के लिए खुले रहे। कुछ लोगों ने सुबह दुकान खोली थी, लेकिन जब बंद समर्थक नारे लगाते हुए सड़कों पर उतर आये तो उन्होंने अपनी दुकानों को बंद कर दिया।

एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘यह कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं है। यह हमारी बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की लड़ाई है। इसलिए सभी को बंद का समर्थन करना चाहिए।'' भंडारी के गृह जिले पौड़ी में लगभग पूर्ण बंद रहा, जहां लगभग सभी दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर वाहनों की संख्या कम रही। कोटद्वार, श्रीनगर और पौड़ी के बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। सीमावर्ती जिले चमोली में स्थानीय आवागमन के लिए बनी जीप और टैक्सी सड़कों से पूरी तरह नदारद रही।

ऋषिकेश: अंकिता हत्याकांड के बाद उसके परिजनों को लेकर कथित तौर पर सोशल मीडिया पर अभद्र पोस्ट डालने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक पदाधिकारी पर बुधवार को मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस उपाधीक्षक ऋषिकेश दिनेश चंद्र ढोंडियाल ने बताया कि आरएसएस के विभाग प्रचार प्रमुख विपिण कर्णवाल के खिलाफ रायवाला थाने में देशद्रोह, जातीय वैमनस्य फैलाने एवं सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उनके अनुसार कर्णवाल के खिलाफ मुकदमा विजय पाल सिंह रावत नामक एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराया गया है।

इस मामले में कर्णवाल द्वारा माफी मांगे जाने के बावजूद उनकी विवादित पोस्ट को लेकर रायवाला एवं ऋषिकेश में माहौल गरमाया रहा और जगह-जगह प्रदर्शन किया गया। बुधवार को भी रायवाला में दिल्ली राजमार्ग जाम किया गया गया था। मुकदमा दर्ज करने के पुलिस के आश्वासन के बाद आक्रोशित लोगों ने जाम हटाया।

देहरादून: कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा के तमाम नेताओं की चुप्पी से उनकी असंवेदनशीलता साफ जाहिर हो गयी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया और कहा कि अंकिता की हत्या के मुख्य आरोपी तथा रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य के पिता से हाथ मिलाने वाली पुलिस की जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है।

माहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने ‘मन की बात' कार्यक्रम में चीतों के लिए नाम के सुझाव मांग रहे हैं, लेकिन दुख की बात है कि उत्तराखंड की बेटी के लिए उनकी तरफ से न तो कोई संवेदनशील बयान आया और न ही उन्होंने इस बारे में कोई ट्वीट ही किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत शर्मनाक है। आज प्रधानमंत्री, भाजपा की महिला नेता और पूरा भाजपा संगठन बेनकाब हो गया है। पूरे प्रदेश में जहां कांग्रेस तथा अन्य दल घटना का विरोध कर रहे हैं, वहीं भाजपा, उसके आनुषांगिक संगठन और महिला नेता पूरे परिदृश्य से गायब हैं।''

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