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पणजी: गोवा पुलिस ने एक ऑनलाइन वेश्यावृत्ति गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उत्तरी गोवा के कैलंगुट क्षेत्र से एक महिला और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया है। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गोवा अपराध शाखा ने गुप्त सूचना मिलने के बाद कार्रवाई की और सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह के चंगुल से दो महिलाओं को भी छुड़वाया। उन्होंने बताया कि दो पुरुषों (जिनकी आयु लगभग 28 वर्ष है) और 27-वर्षीय एक महिला को कथित तौर पर गिरोह चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने कहा कि वेबसाइट पर महिलाओं की अश्लील तस्वीरें और उनकी जानकारियां उपलब्ध हैं. ग्राहकों के साथ डील करने के लिए मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी साइट पर मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि अनैतिक तस्करी (निवारण) अधिनियम 1956 की संबंधित धाराओं के तहत तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारी ने बताया कि बचाई गई दो महिलाएं दिल्ली और उत्तर प्रदेश की हैं।

पणजी: गोवा विधानसभा में शक्ति परीक्षण से अनुपस्थित रहने वाले कांग्रेस विधायक विश्वजीत राणे ने गुरुवार को बागी तेवर अपना लिया। राणे ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। राणे ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। राणे ने कहा कि उन्हें राहुल गांधी से कोई जवाब नहीं मिला और उनसे कोई उम्मीद नहीं है। राणे ने कहा, 'मैं राहुल गांधी पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। मेरे जैसा नेता देश भर में कांग्रेस को छोड़ना शुरू कर देंगे क्योंकि पर्यवेक्षक के रूप में जो यहां नेता आते हैं, वे स्थिति का आकलन करने में सक्षम नहीं होते। मैंने बहुत भारी हृदय से कांग्रेस सदस्य पद से इस्तीफा दिया है। इस्तीफा देकर मुझे बुरा लगा।' गौरतलब है कि मनोहर पर्रिकर सरकार ने गुरुवार को 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में 22 विधायकों के समर्थन के साथ सदन में बहुमत साबित कर दिया। विपक्षी कांग्रेस पर्रिकर सरकार के खिलाफ महज 16 मत ही जुटा पाई। इस दौरान पार्टी के विश्वजीत राणे इस बेहद अहम शक्ति परीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहे। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद शक्ति परीक्षण करवाने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था। समझा जाता है कि कांग्रेस नेतृत्व विधानसभा चुनावों के बाद उपजे हालात को संभालने में नाकाम रहा और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बाद सत्ता से दूर होना कांग्रेस विधायकों को अखरने लगा है।

पणजी: मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में गोवा की भाजपा गठबंधन सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया है। भाजपा गठबंधन के समर्थन में 22 और विपक्ष में 16 मत पड़े हैं। पणजी से भाजपा विधायक सिद्धार्थ को फ्लोर टेस्ट के लिए गोवा विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया था। इस वोटिंग के दौरान कांग्रेस नेता विश्वजीत राणे ने वॉक आउट किया। शक्ति परीक्षण के बाद गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि उनके साथ 23 विधायक हैं और 22 ने मतदान उनके पक्ष में किया। उन्होंने कहा कि एक स्पीकर भी हमारी ओर से था जिन्होंने वोट नहीं किया। मनोहर पर्रिकर ने कहा कि हमने किसी विधायक को किसी होटल में नहीं रखा किसी रिजॉर्ट में नहीं रखा। सभी ने अपनी मर्जी से मत दिया है। उन्होंने कहा कि हमने भारत के लोगों से पहले साबित कर दिया है, हमें 23 विधायकों का समर्थन मिला है और हमने इसे फ्लोर पर साबित कर दिया है। दिग्विजय का दावा था कि उनके पास संख्या बल है और उनके पास शुरुआत से नंबर नहीं थे। डिप्टी सीएम के सवाल पर पर्रिकर ने कहा कि यह गठबंधन की सरकार है और ऐसा कोई भी फैसला गठबंधन लेगा। मंगलवार शाम को नौ मंत्रियों के साथ शपथ लेने वाले पर्रिकर के पास 22 विधायकों का समर्थन पहले से था जो 40 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े 21 से एक अधिक है।

पणजी: भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर ने मंगलवार शाम गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री पर्रिकर के अलावा भाजपा के कोटे से दो मंत्री बने हैं, जबकि सहयोगी दलों जीएफपी को तीन, एमजीपी को दो और निर्दलीय विधायकों को दो मंत्री पद दिए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा का चौथी बार मुख्यमंत्री बनने पर मनोहर पर्रिकर को बधाई दी। पीएम मोदी ने ट्विटर पर कहा, 'मनोहर पर्रिकर और उनकी टीम को शपथ ग्रहण करने पर बधाइयां। गोवा को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मेरी शुभकामनाएं।' इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने गोवा के सीएम के रूप में पर्रिकर के शपथग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और 16 मार्च को सदन में शक्ति परीक्षण कराने का आदेश दिया। चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया कि 16 मार्च को पूर्वाह्न 11 बजे विधानसभा का सत्र बुलाया जाए। शीर्ष अदालत ने कांग्रेस की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इसमें उठाए गए सभी मुद्दों का समाधान शक्ति परीक्षण कराने के सामान्य निर्देश से हो सकता है। कांग्रेस ने पर्रिकर को मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त करने के राज्यपाल मृदुला सिन्हा के फैसले को चुनौती दी थी। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि सदस्यों की शपथ के बाद उस दिन सदन का एकमात्र कामकाज शक्ति परीक्षण कराना होगा।

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