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पणजी: गोवा विधानसभा में शक्ति परीक्षण से अनुपस्थित रहने वाले कांग्रेस विधायक विश्वजीत राणे ने गुरुवार को बागी तेवर अपना लिया। राणे ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। राणे ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। राणे ने कहा कि उन्हें राहुल गांधी से कोई जवाब नहीं मिला और उनसे कोई उम्मीद नहीं है। राणे ने कहा, 'मैं राहुल गांधी पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। मेरे जैसा नेता देश भर में कांग्रेस को छोड़ना शुरू कर देंगे क्योंकि पर्यवेक्षक के रूप में जो यहां नेता आते हैं, वे स्थिति का आकलन करने में सक्षम नहीं होते। मैंने बहुत भारी हृदय से कांग्रेस सदस्य पद से इस्तीफा दिया है। इस्तीफा देकर मुझे बुरा लगा।' गौरतलब है कि मनोहर पर्रिकर सरकार ने गुरुवार को 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में 22 विधायकों के समर्थन के साथ सदन में बहुमत साबित कर दिया। विपक्षी कांग्रेस पर्रिकर सरकार के खिलाफ महज 16 मत ही जुटा पाई। इस दौरान पार्टी के विश्वजीत राणे इस बेहद अहम शक्ति परीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहे। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद शक्ति परीक्षण करवाने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था। समझा जाता है कि कांग्रेस नेतृत्व विधानसभा चुनावों के बाद उपजे हालात को संभालने में नाकाम रहा और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बाद सत्ता से दूर होना कांग्रेस विधायकों को अखरने लगा है।

विधायकों को पर्यवेक्षकों और पार्टी आलाकमान से उम्मीद थी कि वे हालात को संभाल लेंगे लेकिन दोनों से उन्हें मायूसी हाथ लगी।

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