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रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधायकी समाप्त होने को लेकर बीते एक सप्ताह से झारखंड में मची ऊहापोह की स्थिति को देखते हुए सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने का निर्णय किया है। गुरुवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय हुआ। संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने बताया कि विशेष बैठक मानसून सत्र का ही विस्तार होगा। उल्लेखनीय है कि विधानसभा का विशेष सत्र निर्धारित तिथि से एक दिन पहले ही स्थगित कर दिया गया था। आलम के मुताबिक इस दौरान वर्तमान राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति पर चर्चा होगी और सरकार सदन का विश्वास हासिल करेगी।

चुनाव आयोग के पत्र को लेकर राजभवन की चुप्पी से निपटने के लिए विश्वास मत हासिल करने की रणनीति बनाई गई है। सत्र से पूर्व छत्तीसगढ़ के रायपुर में जमे झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के सारे विधायक रांची वापस लौट आएंगे। फिलहाल रायपुर के पांच सितारा मेफेयर रिसार्ट में कुल 33 विधायक कैंप कर रहे हैं। सत्तापक्ष का तर्क है कि विधायकों को एकजुट रखने के उद्देश्य से ऐसा किया गया है।

रांचीः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अयोग्यता को लेकर संभावित फैसले पर सबकी नज़र है और इसी दौरान राज्य में सत्तासीन झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) तथा कांग्रेस का गठबंधन गुरुवार शाम को राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की। महामहिम राज्यपाल से मुलाकात के बाद जेएमएम के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि एक से दो दिन में राज्यपाल स्थिति को साफ करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्यपाल महोदय ने साफ किया है कि हमे चुनाव आयोग से एक पत्र मिला है। जिसपर कानूनी राय लेने के बाद स्थिति को साफ कर दिया जाएगा। हमने उनसे कहा कि राज्य में राजनीतिक अस्थिरता है, जिस तरह से शासन-प्रशासन यहां पर काम कर रहा है, उससे ये तो साफ है कि राज्य में हॉर्श ट्रेडिंग का माहौल बनाया जा रहा है। ऐसे में राज्यपाल को चाहिए कि वो जल्द से जल्द स्थिति को साफ करें।

उधर, इस मुलाकात के बाद राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि मुझे चुनाव आयोग की तरफ से एक पत्र मिला है। राजभवन दो तीन बिंदुओं पर स्टडी कर रहा है. जल्द ही स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।

रायपुर: झारखंड में सत्‍ताधारी गठबंधन ने अपने विधायकों को कांग्रेस शासित राज्‍य छत्‍तीसगढ़ के एक रिसॉर्ट में एकत्रित किया है। गठबंधन ने बीजेपी पर संकटग्रस्‍त हेमंत सोरेन सरकार के विधायकों को लुभाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के विधायक कल रायपुर के मेफेयर होटल में पहुंचे। छत्‍तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भी रिसॉर्ट पहुंचे और विधायकों के साथ डिनर किया। बता दें, कांग्रेस ने राज्‍यसभा चुनाव के दौरान अपने विधायकों को खरीद-फरोख्‍त से बचाने के लिए इसी रिसॉर्ट में ठहराया था।

मेफेयर 100 एकड़ में फैला एक विशाल रिसॉर्ट है, जिसमें विला और एक गोल्फ कोर्स भी है। फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि विधायकों को यहां कितने दिन रखा जाएगा। रिपोर्टरों ने इसके गेट पर एक नोटिस लिखा हुआ देखा जिसमें बताया गया है कि गोल्‍फकोर्स एक सप्‍ताह रखरखाव के लिए बंद रहेगा। रिसॉर्ट के आसपास बड़ी संख्‍या में छत्‍तीसगढ़ पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। रिसॉर्ट में चेकइन करने के बाद से इन विधायकों को ज्‍यादा नहीं देखा गया है।

रांची: झारखंड में घरेलू सहायिका को प्रताड़ित करने की आरोपी निलंबित भाजपा नेता सीमा पात्रा को गिरफ़्तार किया गया है। सीमा पात्रा पर आरोप हैं कि उन्होंने अपनी घरेलू नौकरानी को घर में बंद कर बेरहमी से प्रताड़ित किया। पात्रा भाजपा की महिला विंग की राष्ट्रीय कार्यसमिति की सदस्य थीं। उनके पति महेश्वर पात्रा एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। घरेलू सहायिका का अत्याचार का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल है।

ऱोंगटे खड़े करने वाले इस वीडियो में पीड़ित महिला सुनीता अस्पताल के बिस्तर पर नजर आ रही है। उसके कई दांत टूट चुके हैं। वह बैठने में भी असमर्थ है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि उसके शरीर पर चोट के निशान ये बताते हैं कि उस पर बार बार हमला किया गया। वीडियो देखने के बाद कई लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और भाजपा महिला नेता की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। 29 साल की सुनीता झारखंड के गुमला की रहने वाली हैं। करीब 10 साल पहले उसे पात्रा परिवार ने नौकरी दी थी। उनकी बेटी वत्सला काम के सिलसिले में दिल्ली जा रही थी और सुनीता उसकी मदद के लिए साथ गई।

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