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नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 10 दिनों तक प्राकतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज कराने के बाद आज बेंगलूरु से वापस लौट आए। बेंगलूरु की एक निजी संस्था में केजरीवाल अपनी पुरानी खांसी का इलाज कराने गए थे। दिल्ली लौटने के कुछ ही घंटों के भीतर केजरीवाल ने अपने आधिकारिक आवास पर अपने मंत्रियों से मुलाकात की और दिल्ली नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की ओर से की जा रही हड़ताल एवं रेयान इंटरनेशनल स्कूल में छह साल के एक बच्चे की मौत जैसे मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री 27 जनवरी को बेंगलूरु गए थे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि ठंड के मौसम में केजरीवाल की खांसी बहुत बढ़ गई थी । उनके शरीर में रक्त-शर्करा का स्तर भी बढ़ गया था। पिछले साल मार्च में भी केजरीवाल 10 दिनों के लिए बेंगलूरु गए थे और वहां प्राकतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज कराया था। केजरीवाल की गैर-मौजूदगी में उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सरकार के रोजमर्रा के कामों को संभाला था।

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने कहा कि रेयान इंटरनेशनल स्कूल के एक छात्र की मौत की वर्तमान जांच में खामियों को देखते हुए वह इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश करेगी। उधर, छह वर्षीय बच्चे के हताश माता पिता ने इस मामले में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के हस्तक्षेप की मांग की। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार दिव्यांश की मौत की सीबीआई जांच की जल्द सिफारिश करेगी। लड़के के पिता ने भी यह मांग करते हुए आरोप लगाया था कि बच्चे की मौत से पहले उसका यौन शोषण किया गया और उसके गुप्तांगों पर चोट के निशान थे। सिसौदिया ने कहा, ‘हमने दिव्यांश की मौत की सीबीआई जांच की सिफारिश का फैसला किया है।

नई दिल्ली: एक निर्धन महिला का कथित तौर पर आपरेशन करने से इनकार करने पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने एम्स और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। बिहार की रहने वाली 35 वर्षीय आशा देवी ने कूल्हा प्रत्यर्पण के लिए होने वाले आॠपरेशन के लिए एम्स द्वारा 1 लाख 27 हजार रुपये की अग्रिम राशि जमा करवाने के लिए कहने पर उच्च न्यायालय के आगे गुहार लगाई। न्यायाधीश मनमोहन ने बिहार सरकार को भी नोटिस जारी कर पूछा है कि गरीब रोगियों को बिहार में ही निशुल्क इलाज क्यों नहीं प्रदान किया जा रहा, जिसके कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली आने पर मजबूर होना पड़ता है।

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार के कामकाज एवं दशा-दिशा पर करारा प्रहार करते हुए उनके पूर्व सहयोगी योगेन्द्र यादव ने कहा है कि जिन लोगों ने 'आप' को मंदिर समझा, वह मूर्तियों की दुकान निकली। उन्होंने कहा कि 'आप' और उसके नेतृत्व ने लोगों की उम्मीदों पर कुठाराघात किया है, जिससे मर्यादा एवं नैतिकता की वैकल्पिक राजनीति की बात करने वालों के लिए दोगुनी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। 'स्वराज अभियान' के संयोजक योगेन्द्र यादव ने कहा, 'यह बेहद दुख का विषय है कि आम आदमी पार्टी आज भारत की एक 'आम पार्टी' बन कर रह गई है। कांग्रेस, बीजेपी, सपा, टीडीपी या किसी अन्य पार्टी की तरह ही चुनाव जीतना, सरकार बनाना और हर कीमत पर उसे बचाना यहीं तक वह सीमित हो गई है।'

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