नई दिल्ली: दिल्ली में एमसीडी के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल रविवार को 12 वें दिन भी जारी रही। हाइकोर्ट की फटकार के बाद शनिवार को एमसीडी के डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, इंजीनियर्स और शिक्षकों ने अपनी हड़ताल ख़त्म कर दी है। दिल्ली के स्कूलों में अब सोमवार से पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी, लेकिन सफाई कर्मचारी अब भी हड़ताल पर अड़े हुए हैं। ऐसे में निगम ने हड़ताली कर्मचारियों से सख्ती के साथ निपटने का भी मन बनाया है। दो दिन पहले हाइकोर्ट की फटकार के बाद से दिल्ली नगर निगम के हड़ताली कर्मचारी संगठनों के तेवर नरम पड़े हैं। इसके बाद वे धीरे-धीरे काम पर लौट रहे हैं, हालांकि सफ़ाई कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से दिल्ली में अब भी जगह-जगह कूड़ा बिखरा पड़ा है। हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद अब दिल्ली नगर निगम के हड़ताली कर्मचारी संगठनों के तेवर नरम पड़ गए हैं। निगम अस्पतालों के डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, इंजीनियर्स और शिक्षकों ने अपनी हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी है।
इस बीच शनिवार को भी नगर निगम के हड़ताली कर्मचारियों का धरना-प्रर्दशन जारी रहा। सड़कों से लेकर दफ्तरों के बाहर तक हर जगह प्रदर्शन होते रहे। हड़ताली कर्मचारियों की मांग है कि तीनों निगम को एक किया जाए और पांच हजार करोड़ का विशेष पैकेज दिया जाए। इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली सरकार और निगम को हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद हड़ताल खत्म करने की गंभीर कोशिशें शुरू हुईं। इसके बाद डॉक्टर, पैरामेडीकल स्टाफ, शिक्षकों और इंजीनियरों ने हड़ताल खत्म कर दी। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के मेयर हर्ष मल्होत्रा का कहना है कि मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। सफाई कर्मचारियों के साथ ही कर्मचारियों के कई संगठनों ने अभी हड़ताल खत्म नहीं की है। लेकिन अब ये कहा जा रहा है कि दिल्ली सरकार और निगम राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश न करते तो ये हड़ताल पहले ही खत्म हो सकती थी।