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चंडीगढ़: कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा में मिली हार के बाद पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए युवा हाथ को कमान सौंप दी है। गिद्दड़बाहा से पार्टी के विधायक अमरिंदर सिंह बरार को जहां पार्टी का अध्‍यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही अनुभव को भी वरीयता देते हुए विधानसभा में पार्टी के नेता प्रताप सिंह बाजवा होंगे। बाजवा इस समय विधानसभा में सबसे सीनियर विधायक हैं। वह चार बार विधानसभा के सदस्य रहने के साथ-साथ दो बार लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। भारत भूषण आशु को पंजाब कांग्रेस का कार्यकारी अध्‍यक्ष बनाया गया है।

कांग्रेस के इस कदम से माझा ब्रिगेड को झटका लगा है। माझा ब्रिगेड के सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और सुखविंदर सिंह सरकारिया विपक्ष के नेता और पार्टी के प्रधान की दौड़ में शामिल थे। लेकिन पार्टी ने प्रदेश की कमान मालवा हल्के देकर स्थिति साफ कर दी है कि आने वाले समय में तेज तर्रार नेता के हाथ में कमान देकर पार्टी फिर से बाउंस बैक करना चाहती है।

चंडीगढ़: पंजाब सरकार चंडीगढ़ में लागू केंद्रीय सेवा नियमों के खिलाफ प्रस्ताव आयी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में केंद्रीय सेवा नियम लागू किए जाने पर प्रस्ताव पेश किया। भगवंत मान ने केंद्र पर केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन में "संतुलन को बिगाड़ने" की कोशिश करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री मान द्वारा यह कदम केंद्र और पंजाब के बीच केंद्र शासित प्रदेश को नियंत्रित करने के लिए चल रहे संघर्ष के बीच लिया गया है।

पंजाब सीएम मान ने कहा है कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 के तहत, पंजाब राज्य को हरियाणा राज्य में पुनर्गठित किया गया था, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ हिस्सों को तत्कालीन केंद्र शासित प्रदेश हिमाचल को दिया गया था। "तब से, पंजाब राज्य और हरियाणा राज्य के नामांकित व्यक्तियों को कुछ अनुपात में प्रबंधन पदों को देकर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड जैसी सामान्य संपत्ति के प्रशासन में एक संतुलन का उल्लेख किया गया था। लेकिन अपनी कई हालिया कार्रवाइयों के माध्यम से, केंद्र सरकार इस संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है।

चंडीगढ़: फसल क्षति के लिए राहत की मांग कर रहे किसानों के एक समूह ने पंजाब के मुक्तसर जिले के लांबी में एक उप-तहसील कार्यालय के अंदर कथित तौर पर 12 सरकारी अधिकारियों को कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा। एक अधिकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों द्वारा अधिकारियों को मुक्त करने से इंकार करने पर पुलिस की मदद से उन्हें सोमवार देर रात मुक्त कराया गया। बंधक बनाए गए अधिकारियों में एक नायब तहसीलदार और कुछ पटवारी शामिल थे। ये किसान पिंक बॉलवर्म प्रजाति के कीटों से कपास की फसल को हुए नुकसान के लिये मुआवजे की मांग कर रहे थे। इस घटना के विरोध में प्रदेश भर के राजस्व अधिकारी मंगलवार को हड़ताल पर रहे।

पुलिस ने कहा कि एक कृषक संघ के बैनर तले 100 से अधिक किसानों के एक समूह ने सोमवार को लंबी में उप-तहसील के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारी शाम को कार्यालय की इमारत में घुसे और अधिकारियों को आधी रात तक बंधक बनाए रखा।

चंडीगढ़: पंजाब में भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड के भर्ती नियमों में बदलाव का मुद्दा अब गरमाता हुआ दिख रहा है। चंडीगढ़ में केंद्रीय सेवा नियम लागू किए जाने के बाद गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। भगवंत मान ने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि केंद्र सरकार चंडीगढ़ प्रशासन में अन्य राज्यों और सेवाओं के अधिकारियों और कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से लगा रही है। जो कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 के खिलाफ है। पंजाब चंडीगढ़ पर अपने सही दावे के लिए मजबूती से लड़ेगा।

भाखड़ा-ब्यास प्रबंध बोर्ड के नियमों में हुए बदलाव का मुद्दा पिछले कुछ दिनों से काफी छाया हुआ है। पंजाब के सभी राजनीतिक दलों की ओर से नियमों में हुए बदलाव का विरोध किया जा रहा है। विपक्षी दलों का दावा है कि बीबीएमबी के नियमों में बदलाव की वजह से पंजाब और हरियाणा के हितों को नुकसानदेह होगा। अब इस मसले पर पंजाब के नए-नवेले सीएम भगवंत मान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई।

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