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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बिजपुर में ममता बनर्जी पर हुए हमले के बाद तृणमूल कांग्रेस के अल्पसंख्यक गुट ने सोमवार को पूरे राज्य में विरोध रैलियां करने का फैसला किया है।

पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि राज्य के सभी ब्लॉक में विरोध मार्च निकाला जाएगा। जो पार्टी विधायक बागी गुट में शामिल नहीं हुए हैं, वे राज्य विधानसभा में अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

पार्टी सूत्र के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस रविवार की घटना पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य में अपने आंदोलन को तेज करने की कोशिश कर रही है।

विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने 2 जून को राज्य में चुनाव के बाद की हिंसा और हॉकरों को हटाने के विरोध में 'वाई चैनल' पर धरना दिया था। हालांकि, अब तक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट का पूरा कार्यक्रम कोलकाता-केंद्रित ही रहा है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हलीशहर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले को विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को रोककर उनकी गाड़ी पर कीचड़, पानी की बोतलें और जूते-चप्पल फेंके। ममता बनर्जी ने दावा किया कि पुलिस की मौजूदगी में यह सब हुआ है।

ममता बनर्जी एक दिवंगत टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं। इसी दौरान हलीशहर में पहले से मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को रोक दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और भीड़ ने उनकी गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने ममता बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी भी की।

घटना के बाद ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि असामाजिक तत्वों ने पुलिस के सामने ही मेरी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। गाड़ी पर हमला इतना जबरदस्त था कि अगर खिड़कियां खुली होतीं तो मेरा सिर फट जाता। हम सब मारे जा सकते थे। यह सब पुलिस के सामने हुआ। मैंने ऐसा कुछ कभी नहीं देखा। यह क्या हो रहा है?

कोलकाता: कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी थी।

जस्टिस सौगत भट्टाचार्य के सामने बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने शुरू में सुझाव दिया कि अभिषेक बनर्जी की आंखों की स्थिति की जांच एसएसकेएम अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से कराई जाए, ताकि यह पता चल सके कि क्या भारत में उनका इलाज हो सकता है। मेडिकल बोर्ड को 7 अगस्त तक रिपोर्ट जमा करनी होगी। रिपोर्ट देखने के बाद कोर्ट तय करेगा कि उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की जरूरत है या नहीं।

कोर्ट ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के इलाज के विकल्प पर विचार करते समय इस बात को भी ध्यान में रखना होगा कि उन पर कई आपराधिक मामले चल रहे हैं, जिनकी जांच अभी जारी है।

गुवाहाटी: असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, पिछले 24 घंटों में चार बच्चों समेत 10 लोगों की बाढ़ से मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है। वहीं, तीन पुरुष और तीन महिलाओं समेत 6 लोग अब भी लापता हैं। मौजूदा बाढ़ के कहर से राज्य के 11 जिलों में 6.53 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।

11 जिलों में बाढ़ का कहर, शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित

एएसडीएमए की रिपोर्ट के अनुसार, शिवसागर और जोरहाट जिलों में तीन-तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि चराइदेव में दो और धीमाजी और कार्बी आंगलोंग में एक-एक व्यक्ति की जान गई। बाढ़ से प्रभावित जिलों में कार्बी आंगलोंग, गोलाघाट, चराइदेव, कामरूप, शिवसागर, जोरहाट, डिब्रूगढ़, नगांव, धीमाजी, होजाई और कामरूप (मेट्रो) शामिल हैं। सबसे अधिक 3,92,195 लोग शिवसागर जिले में प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा चराइदेव में 1,10,755, जोरहाट में 97,690, गोलाघाट में 25,591 और डिब्रूगढ़ में 13,390 लोग बाढ़ की चपेट में हैं।

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