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मुंबई: कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर महाराष्ट्र समेत पूरे देश में 'दही-हांडी' का उत्सव मनाया जा रहा है। पीटीआई की खबर के मुताबिक इस समारोह के दौरान मानव पिरामिड बनाते हुए कम से कम 45 लोग घायल हो गए। जबकि पालघर के धानसर में मानव पिरामिड बनाते हुए एक आदमी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दिल का दौरा पड़ने के कारण वो गिर गया था। नगर निकाय के अधिकारियों ने कहा कि शाम पांच बजे तक मुंबई में करीब 45 गोविंदा घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में एक की हालत गंभीर है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि अन्य लोगों का प्राथमिक उपचार करने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बता दें कि दही हांडी का त्योहार मनाने के पीछे की कहानी काफी पौराणिक है। यह कहानी श्री कृष्ण की माखन चुराने की कथा से जुड़ी हुई है। यह पर्व हर साल अगस्त के महीने में मनाया जाता है। दही हांडी उत्सव में खासकर युवा पूरे जोश के साथ भाग लेते हैं। मुंबई के अलग-अलग शहरों जैसे दादर और थाणे में इस उत्सव की एक अलग ही छटा देखने को मिलती है। मुम्बई में आयोजन के दौरान 45 गोविंदा घायल हुए हैं।

मुंबई: भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने सवाल किया कि क्या देश को पिछले 70 वर्षों में वास्तव में आजादी मिली है। इसके साथ ही पार्टी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस अब 'पिकनिक डे' बन गए हैं। पार्टी ने कहा कि 1947 तक चुनौती गुलामी को हटाने की थी और 2017 में चुनौती स्वतंत्रता को संभालने की है। पार्टी ने अपने मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित एक संपादकीय में कहा, 'ऐसे कई सवाल हैं, जैसे देश को स्वतंत्रता का क्या और कितना लाभ हुआ, आम जनता तक यह आजादी कितनी पहुंची, आम लोगों की जिंदगी से गरीबी, अज्ञानता, आर्थिक और सामाजिक विषमता दूर हुई क्या? क्या अंदरूनी और बाहरी दुश्मनों का खतरा टला?' पार्टी ने कहा कि आजादी के 71वें साल में प्रवेश करने के बाद भी गोरखपुर के सरकारी अस्पताल में 70 बच्चों की बेवजह मौत हो जाती है। कट्टर मुस्लिम नेता वंदे मातरम बोलने से इनकार कर देते हैं। शिवसेना ने नोटबंदी को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इस कदम से किसानों के साथ ही छोटे और बड़े कारोबारी, उद्योगपति प्रभावित हुए।

मुंबई: मुंबई में बुधवार को मराठा क्रांति मोर्चा का आयोजन किया गया है। इसमें मराठा समाज के करीब 9 लाख लोगों हिस्सा लिया। सुबह 11 बजे जिजामाता उद्यान से शुरू होकर ये मोर्चा शाम 4 बजे आज़ाद मैदान तक चला। मोर्चे की वजह से साउथ मुंबई के सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया गया था। कई सड़कों को बंद कर दिया गया। सड़कों पर जब मराठाओँ की रैली निकली तब पूरी सड़क भगवामय हो गई। राज्य में मराठा करीब 30 फीसदी हैं और वे सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इनकी मांगों को देखते हुए राज्य सरकार ने मंत्रियों और विपक्षी नेताओं की एक समिति बनाने का फैसला किया है। सरकार ने कहा है कि यह समिति मराठा समाज के प्रतिनिधियों से वार्ता करेगी और कोई हल निकालेगी। वहीं, किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए थे। मोर्चे पर सीसीटीवी और ड्रोन से भी नज़र रखी गई। इस मोर्चे की ख़ासियत यह रही कि इसमें शामिल लोग मूक रहते हैं यानी ख़ामोश रहकर अपना विरोध जताते हैं।

मुंबई: रक्षाबंधन के दिन लाखों यात्रियों को एक तरह से बंधक बनाने के बाद बंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) के करीब 37,000 कर्मचारियोंने शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के हस्तक्षेप के बाद अपनी 16 घंटे की हड़ताल सोमवार शाम समाप्त कर दी।.हड़ताल तब समाप्त हुई, जब ठाकरे ने बेस्ट के नौ कर्मचारी संघों के नेताओं से अपने आवास पर मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगें पूरी की जाएंगी, जिसमें समय पर वेतन भुगतान की मांग शामिल है। बेस्ट का संचालन बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अधीन है, जहां ठाकरे की पार्टी का शासन है। उन्होंने घाटे में चल रही बेस्ट के पुनर्गठन के उपायों तथा बेस्ट और बीएमसी का बजट जल्द ही एकसाथ मिलाने पर भी चर्चा की। ठाकरे ने बैठक के बाद कहा, "बीएमसी के मद्देनजर बेस्ट का पुनर्गठन शिवसेना के लिए एक घोषणापत्र है और हम इसे पूरा करेंगे।" उल्लेखनीय है कि बेस्ट कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए सोमवार को हड़ताल कर दी। शहर के नौ यूनियनों के कर्मचारियों के ड्यूटी पर नहीं आने की वजह से की वजह से बेस्ट के बेड़े की करीब 3,800 बसें डिपो में रहीं। इससे करीब 30 लाख यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जो इन बसों को अपने रोजाना की यात्रा के लिए इस्तेमाल करते हैं।

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