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नई दिल्ली: जून 2023 में सीपीआई आधारित खुदरा महंगाई दर में बढ़त दर्ज की गई है। सीपीई खुदरा महंगाई दर तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार सीपीआई महंगाई मई महीने के 4.31% के मुकाबले जून में खुदरा महंगाई 4.81 प्रतिशत पर पहुंच गई। जून महीने में शहरी महंगाई दर 4.33% से बढ़कर 4.96% जबकि ग्रामीण महंगाई दर 4.23% से बढ़कर 4.72% पर पहुंच गई है। इस महीने खाद्य महंगाई दर 2.96% से बढ़कर 4.49% रही।

जून में सब्जियों की कीमतों में इजाफा, बिजली ईंधन और हाउसिंग सस्ता

खुदरा महंगाई बढ़ने का बड़ा कारण इस बार सब्जियों की कीमतों में इजाफा होना रहा है। सब्जियों के मामले में भी इस बार खुदरा महंगाई बढ़ी है। सब्जियों की महंगाई दर मासिक आधार पर -8.18% से बढ़कर -0.93% हो गई है। दूसरी ओर, बिजली ईंधन की महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई है और मई महीने की तुलना में जून में यह 4.64% से घटकर 3.92% हो गई। हाउसिंग क्षेत्र की खुदरा महंगाई दर 4.84% से घटकर 4.56% रह गई।

नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल की 50वीं बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बैठक की अध्यक्षता की। जीएसटी काउंसिल ऑनलाइन गेमिंग, घुड़दौड़ और कैसिनो की फुल वैल्यू पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने पर सहमत हो गई है। साथ ही अब सिनेमाहॉल में खाना सस्ता होगा। जीएसटी काउंसिल ने सिनेमाहॉल में खाने-पीने के सामान पर जीएसटी कटौती का फैसला लिया है। वहीं, कैंसर की दवाओं पर भी जीएसटी नहीं लगेगा।

केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद मीडिया को ब्रीफिंग दी। उन्होंने बताया कि अब ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ में दांव पर लगाई जाने वाली कुल रकम पर 28 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाने का सोमवार को फैसला किया गया। जीओएम को इस पर विचार करना था कि इन तीनों गतिविधियों में दांव पर लगने वाली समूची राशि पर कर लगाया जाए या सकल गेमिंग राजस्व या सिर्फ मंच की तरफ से वसूले जाने वाले शुल्क पर कर लगाया जाए।

नई दिल्ली: ठेके पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चर करने वाली कंपनी फॉक्सकॉन ने भारत की वेदांता कंपनी के साथ सेमीकंडक्टर के साझा उपक्रम से हटने का फैसला किया है। इस पर केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर की प्रतिक्रिया आई है।

केंद्रीय उद्यमिता, कौशल विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार (10 जुलाई) को ट्वीट किया, ''वेदांता के साथ अपने संयुक्त उद्यम से हटने के फॉक्सकॉन के इस फैसले का भारत के सेमीकंडक्टर फैब लक्ष्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।''

फॉक्सकॉन ने पिछले साल वेदांता के साथ मिलकर गुजरात में सेमीकंडक्टर बनाने और डिस्प्ले उत्पादन संयंत्र लगाने का करार किया था। इसमें करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाना था।

मंत्री चंद्रशेखर ने ट्वीट में कहा कि दो निजी कंपनियां कैसे साझेदार चुनती हैं या नहीं चुनती हैं, यह सरकार का काम नहीं है। लेकिन आसान भाषा में इसका मतलब है कि अब दोनों कंपनियां भारत में स्वतंत्र रूप से सेमिकॉन और इलेक्ट्रॉनिक्स में उचित तकीनीकी साझेदारों के साथ अपनी रणनीतियों को आगे बढ़ा सकती हैं।

नई दिल्ली: वेदांता लिमिटेड की भारत में सेमीकंडक्टर बनाने की योजना को बड़ा झटका लगा है। ताइवानी कंपनी फॉक्सकॉन ने सोमवार को एलान किया है कि वह वेदांता के साथ एक संयुक्त उद्यम (जेवी) से बाहर हो रही है। ये भारत में सेमीकंडक्टर्स के लिए उत्पादन स्थापित किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ताइवानी कंपनी ने कहा कि "वर्तमान में वेदांता कंपनी से फॉक्सकॉन नाम हटाने के लिए काम कर रही है। फॉक्सकॉन का अब कंपनी से कोई संबंध नहीं है।" अगर वो ऑरिजनल नाम को बनाए रखते हैं तो हितधारकों के बीच असमंजस रह सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने भारत के सेमीकंडक्टर विकास को लेकर भरोसा जताया है। कंपनी भारत सरकार के "मेक इन इंडिया" अभियान की पूरा समर्थन देगी। वेदांता ने कहा कि वह अपने हितधारकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए लोकल भागीदारों के साथ काम करेगा। फॉक्सकॉन और वेदांता ने पिछले साल गुजरात में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले प्रोडक्शन प्लांट बनाने के लिए 19.5 बिलियन डॉलर का निवेश करने के लिए एक डील पर सिग्नेचर किया था।

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