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नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बी-20 शिखर सम्‍मेलन में कहा कि हमारा फोकस आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर है। उन्‍होंने कहा कि आप सभी बिजनेस लीडर्स ऐसे समय में भारत आए हैं, जब हमारे पूरे देश में सेलिब्रेशन का माहौल है। ये फेस्टिव सीजन ऐसा होता है, जो हमारी सोसाइटी भी सेलिब्रेट करती है और हमारा बिजनेस भी सेलिब्रेट करता है। इस बार ये 23 अगस्त से ही शुरू हो गया है। ये सेलिब्रेशन है, चंद्रयान का चंद्रमा पर पहुंचने का। उन्‍होंने कहा, भारत उद्योग 4.0 क्रांति का चेहरा है और भविष्य की वैश्विक वृद्धि कारोबार क्षेत्र पर निर्भर है।

अफ्रीकी संघ को जी20 का स्थायी सदस्य बनने का न्योता

बी20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि यह उत्सव एक जिम्मेदार अंतरिक्ष कार्यक्रम चलाने के लिए है, यह उत्सव देश की प्रगति को गति देने के लिए है, ये उत्सव नवीनता का है, यह उत्सव अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के माध्यम से स्थिरता और समानता लाने के लिए है। ये है बी20 समिट की थीम...! हमने अफ्रीकी संघ को जी20 का स्थायी सदस्य बनने का न्योता दिया है।

नई दिल्ली: सरकार ने प्याज पर तत्काल प्रभाव से 40 फीसदी निर्यात शुल्क लगा दिया है। यह शुल्क अभी तुरंत से लागू हो गया है और 31 दिसंबर 2023 तक लागू रहेगी। सरकार ने इसको लेकर एक नोटिफिकेशन जारी की है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुलेटिन में कहा है कि अगस्त में टमाटर की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि हालिया आंकड़ों में टमाटार की कीमतों में कुछ गिरावट देखने को मिली है। कई रिपोर्ट में यह माना गया है कि सितंबर के महीने में प्याज की कीमतों में भी उछाल देखने को मिल सकता है। प्याज की कीमत 50 रुपये से 60 रुपये तक होने की संभावना है।

कई व्यापारियों का कहना है कि खराब गुणवत्ता वाले प्याज की बड़ी हिस्सेदारी के अलावा, अन्य सब्जियों में उच्च मुद्रास्फीति भी प्याज की कीमतों को ऊपर उठाने के लिए जिम्मेदार है।

पिछले हफ्ते, सरकार ने अक्टूबर में प्याज की तत्काल रिहाई का एलान किया है। सरकार बफर स्टॉक से प्याज की तत्काल रिहाई करेगा। यह फैसला नई फसलों के आने तक कीमतों को कंट्रोल करने के लिए लिया गया है।

नई दिल्ली: पिछले महीने खुदरा मुद्रास्फीति 15 महीने के उच्चतम स्तर 7.44 प्रतिशत पर पहुंच गई है। टमाटर समेत खाने-पीने की चीजों की कीमतों में तेज उछाल के चलते जुलाई 2023 में खुदरा महंगाई दर फिर से बढ़कर लंबी छलांग लगाते हुए 7 फीसदी के पार जा पहुंची है। सीपीआई इंफ्लेशन जुलाई में 7.44 फीसदी रही है जो जून 2023 में 4.81 फीसदी रही थी। जुलाई में खुदरा महंगाई दर आरबीआई के टोलरेंस बैंड के अपर स्लैब 6 फीसदी के पार जा पहुंची है। आंकड़ों के मुताबिक शहरी इलाकों में खुदरा महंगाई दर 7.63 फीसदी रही है, जबकि ग्रामीण इलाकों में 7.20 फीसदी रही है।

सांख्यिकी मंत्रालय ने खुदरा महंगाई दर को लेकर जो डेटा जारी किया है। उसके मुताबिक जुलाई में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। जुलाई में खाद्य महंगाई दर 11.51 फीसदी रही है जो जून में 4.49 फीसदी रही थी। यानि एक ही महीने में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में दोगुनी से ज्यादा उछाल देखने को मिली है।

नई दिल्ली: रेस्टोरेंट में वसूला जाने वाला सर्विस चार्ज एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। खाने के बाद आने वाले बिल की फाइनल अमाउंट देखकर लोग पेमेंट कर देते हैं। लेकिन अभी भी बहुत से होटल और रेस्टोरेंट्स में ग्राहकों से सर्विस चार्ज वसूला जा रहा है। अभी 2 दिन पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट ने सर्विस चार्ज को लेकर होटल और रेस्टोरेंट की 2 इकाइयों पर 2 लाख का जुर्माना भी लगाया है।

आज इस मुद्दे पर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है। सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल और अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने कहा कि जीएसटी आने के बाद सर्विस चार्ज वसूलना ठीक नहीं है। वैट के समय कई टैक्स थे, तब अलग बात थी। मगर, जब जीएसटी आया, तो कहा गया कि ये वन नैशन, वन टैक्स है। ऐसे में अब इस तरह का अतिरिक्त बोझ ग्राहकों पर डालना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि इस पर वित्त मंत्री को स्पष्ट गाइडलाइन जारी करनी चाहिए। वरना, जीएसटी का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है। एक ही चीज या सर्विस पर दो शुल्क नहीं लगने चाहिए।

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