ताज़ा खबरें
पीएम मोदी ने पहले वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज 'पंबन' का किया उद्घाटन
बीड मस्जिद विस्फोट मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों पर लगा यूएपीए
वक्फ बिल को मिली राष्ट्रपति की मंजूरी, मुस्लिम संगठन कर रहे हैं विरोध
ट्रंप का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण,भारत के हित सर्वोपरि रखे सरकार:आनंद शर्मा
बीजेपी सरकार अर्थव्यवस्था के इस दोहरे दुष्चक्र के लिए दोषी: अखिलेश

नई दिल्लीः हाल में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने क्लीन नोट पॉलिसी के तहत 2000 रुपए के नोट को वापस लेने का एलान किया है। जिसके बाद सभी बैंको को 2000 रुपए के नोट एक्सचेंज यानी बदलने और जमा करने के लिए 4 महीने (30 सितंबर तक) का समय दिया है। इसके तहत आप एक बार में 2000 के 10 नोटों यानी 20000 मूल्य तक के नोटों को अन्य नोटों में बदल सकते हैं। लेकिन जब से रिजर्व बैंक का यह फैसला सामने आया है, तब से ही इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या 2000 के नोट को वापस लेने के बाद आरबीआई अब एक बार फिर 1000 रुपए का नया नोट जारी करेगा?

अब जब देश में 2000 रुपए का नोट धीरे-धीरे बैंकों वापस लेने का काम शुरु हो चुका है, तो ऐसे में यह चर्चाएं तेज हो गई हैं कि सरकार 1000 रुपए के नए नोट जारी करेगी या नहीं। इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी कई तरह की बातें हो रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार 2000 रुपए के नोट बंद करके 1000 रुपए का नया नोट लाएगी। इन अटकलों को लेकर आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक बड़ी जानकारी दी।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): बिना फार्म और पहचान प्रमाण के दो हजार रुपये के नोट बदलने की अनुमति के खिलाफ दायर जनहित याचिका का भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दिल्ली हाईकोर्ट में विरोध किया। आरबीआई की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता पराग त्रिपाठी ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिका को भारी जुर्माना लगाते हुए खारिज किया जाना चाहिए।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने तमाम निर्णयों में कहा है कि अदालतों को नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। आरबीआई की दलील सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा व न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि अदालत उचित निर्णय पारित करेगी।

वहीं, याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने याचिका दायर कर कहा कि आरबीआई व भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा जारी अधिसूचनाएं मनमाना, तर्कहीन होने के साथ ही संविधान के अनुच्छेद-14 का उल्लंघन करती हैं।

नई दिल्ली: देश के सभी बैंकों और भारतीय रिजर्व बैंक की 19 क्षेत्रीय शाखाओं में आज यानी मंगलवार से दो हजार रुपये के नोट बदले जाएंगे। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, लोगों के पास चार महीने का वक्त है। आराम से बैंक जाएं और नोट बदलें। घबराने की जरूरत नहीं है। बैंकों के पास पर्याप्त पैसा है। दास ने कहा, बैंकों की शाखाओं में भीड़ लगने की आशंका नहीं है। नोट बदलवाने के लिए जल्दबाजी की जरूरत नहीं है। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया कि भीड़ न लगाएं। दास ने स्पष्ट किया, कारोबारी समेत कोई भी संस्थान दो हजार का नोट लेने से इंकार नहीं कर सकता।

प्रभावित नहीं होंगी आर्थिक गतिविधियां

2000 के नोट को चलन से बाहर करने के फैसले के बाद आरबीआई गवर्नर दास ने कहा, जिन लोगों के पास बैंक खाता नहीं है, पर 2000 का नोट है, उनके लिए सबकी तरह नोट बदलने की प्रक्रिया लागू होगी। दास ने कहा, लोग आश्वस्त रहें, पर्याप्त संख्या में नोट उपलब्ध हैं। आरबीआई और बैंकों के करेंसी चेस्ट में पर्याप्त पैसा है।

नई दिल्ली: भारत रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि रोजाना जमा हो रहे दो हजार के के नोट का डेटा मेंटेन करें। आरबीआई की ओर से 22 मई को इससे संबंधित निर्देश जारी किए गए हैं। आरबीआई की ओर से कहा गया है कि नियमों के तहत जितने चाहे उतने नोट बदले जा सकते हैं। साथ ही, केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा है कि बाजार में दूसरे मूल्य वर्ग के नोटों की कमी नहीं है।

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि आम जनता को काउंटर पर 2000 रुपये के नोट बदलने की सुविधा सामान्य तरीके से प्रदान की जाएगी, जैसा कि पहले प्रदान किया जा रहा था।

नोट बदलने के लिए चार महीने का वक्त दिया जााएगा। दास ने कहा कि दो हजार रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने का फैसला क्लीन नोट पॉलिसी के तहत लिया गया है। आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि दो हजार रुपये के नोट बदलने की पूरी तैयारी की गई है। 23 मई से किसी भी बैंक में एक समय में 2000 रुपये के नोटों को अन्य मूल्यवर्ग के बैंकनोटों में बदलने की सीमा 20,000 रुपये तक होगी।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख