ताज़ा खबरें
टैरिफ से सहमा बाजार:सेंसेक्स 931 अंक गिरा, निफ्टी 23000 से फिसला
बजट में दलित-आदिवासी के लिए उचित हिस्सा कानूनन जरूरी हो: राहुल
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल
वक्फ विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
'वक्फ बिल को थोपा गया, अदालत कर देगी खारिज': अभिषेक सिंघवी
वक्फ विधेयक राज्यसभा से भी पारित,पक्ष में पड़े 128 वोट, विपक्ष में 95

बागपत: दिल्ली की घटना के बाद बागपत में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 40 दिन से चल रहे धरने को जबरन खत्म करा दिया। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर एक साइड पर बैठे सैकड़ों किसानों से मौके से खदेड़ते हुए टैंट तक उखाड़ फेंक दिए और लाठियां भी फटकारी। मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। बड़ौत में कृषि कानूनों के विरोध में करीब 40 दिन पूर्व खाप चौधरी सुरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में धरने की शुरुआत हुई थी। बाद में सुरेन्द्र सिंह धरने से अलग-थलग हो गए थे।

सुरेन्द्र सिंह के हटने के बाद दूसरे खापों के चौधरियों ने बेमियादी धरने का नेतृत्व संभाला। धीरे-धीरे कई किसान संगठनों के साथ खाप चौधरी सुरेन्द्र सिंह दुबारा से धरनास्थल पर लौट आए। गत दिवस गणतंत्र दिवस पर बड़ौत धरनास्थल से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर रैली में गए थे। दिल्ली की घटना के बाद बुधवार दोपहर तक अधिकांश किसान दिल्ली से अपने-अपने गांव और बेमियादी धरनास्थल पर लौट आए थे।

बुधवार को पूरे दिन एडीएम अमित कुमार सिंह एवं एएसपी मनीष मिश्र ने धरनारत किसानों के साथ धरना समाप्त करने के लिए वार्ता की, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अडिग रहे।

पुलिस प्रशासनिक अफसर रात 11 बजे भारी पुलिस फोर्स के साथ धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों को खदेड़ते हुए धरना खत्म करा दिया। मौके पर एसपी अभिषेक सिंह, एसडीएम दुर्गेश मिश्र, सीओ आलोक सिंह आदि मौजूद थे। मामले में एसपी अभिषेक सिंह कुछ भी बोलने से बच रहे थे।

 

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख