ताज़ा खबरें
टैरिफ से सहमा बाजार:सेंसेक्स 931 अंक गिरा, निफ्टी 23000 से फिसला
बजट में दलित-आदिवासी के लिए उचित हिस्सा कानूनन जरूरी हो: राहुल
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल
वक्फ विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
'वक्फ बिल को थोपा गया, अदालत कर देगी खारिज': अभिषेक सिंघवी
वक्फ विधेयक राज्यसभा से भी पारित,पक्ष में पड़े 128 वोट, विपक्ष में 95

लखनऊ: मुख्तार अंसारी ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष अपने खिलाफ हजरतगंज थाने में दर्ज एफआईआर को चुनौती दी है। उक्त एफआईआर में उस पर उसके बेटों पर राजधानी के जियामऊ इलाके में एक निष्क्रांत सम्पति को अवैध रूप से कूटरचित दस्तावेजों के सहारे हथियाने और अवैध निर्माण करने का आरोप है। न्यायालय ने याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 17 फरवरी की तिथि नियत की है।उल्लेखनीय है कि इस मामले में मुख्तार के बेटों की गिरफ्तारी पर पहले ही रोक लग चुकी है। 

न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा व न्यायमूर्ति राजीव सिंह की खंडपीठ ने मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता एचजीएस परिहार के अनुरोध पर गुरूवार को मामले की सुनवाई टाल दी। उनके अनुरोध पर इस मामले में सरकार की ओर से पेश हो रहे महाधिवक्ता ने कोई आपत्ति नहीं की। वहीं मुख्तार अंसारी के बेंटों अब्बास अंसारी व उमर अंसारी की पूर्व में दाखिल याचिका पर भी 17 फरवरी को ही सुनवाई होनी है।

 

इस मामले में दोनों की गिरफतारी पर 21 अक्टूबर 2020 को न्यायालय ने रोक लगा दी थी और सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया था। मामले की सुनवाई 19 जनवरी 2021 को पुनः हुई तो न्यायालय ने पाया कि उस दिन तक सरकार की ओर से जवाब ही नहीं दाखिल किया गया था। इस पर न्यायालय ने पुनः दो सप्ताह का समय दिया।  

उल्लेखनीय है कि जियामऊ के प्रभारी लेखपाल सुरजन लाल ने 27 अगस्त 2020 को मुख्तार अंसारी व उसके बेटोंके खिलाफ हजरतगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

 

 

 

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख