नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन का आज 71वां दिन है। अब तक किसान कानून वापसी पर अड़े हैं और दिल्ली के सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को किसान नेता राकेश टिकैत हरियाणा के जींद में महापंचायत में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। टिकैत का दावा है कि यह किसान आंदोलन अक्टूबर तक चलने वाला है।
प्रियंका गांधी आज रामपुर में किसान नवरीत के घरवालों से मिलीं। वहां प्रियंका ने कहा एक शहीद का परिवार उसकी शहादत को कभी नहीं भूल सकता। आपका बेटा किसानों का समर्थन करने के लिए दिल्ली गया था, लेकिन उसके साथ ऐसा हादसा हुआ कि वो वापस नहीं आया। कोई राजनीतिक साजिश के लिए वो वहां नहीं गया था, वो इसलिए गया क्योंकि उसके दिल में किसानों के लिए दुख था। सरकार कानूनों को आज वापस नहीं ले रही है, जबकि उनको इसे वापस लेना चाहिए। ये किसानों के साथ बहुत बड़ा जुल्म हो रहा है लेकिन इससे बड़ा जुल्म ये है कि जब सरकार शहीदों को आतंकवादी कहती है और किसान के आंदोलन को अपने लिए एक राजनीतिक साजिश की तरह देखती है।
डिबडिबा गांव पहुंची प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी यूपी के रामपुर पहुंची। उनका काफिला गांव से 5 किलोमीटर पहले रुका। प्रियंका नवरीत सिंह के परिजनों से मिलेंगी। यह किसान ट्रैक्टर मार्च के दौरान ट्रैक्टर पलटने की वजह से मारा गया था।
प्रियंका गांधी रामपुर के डिबडिबा गांव पहुंची। वहां वह नवरीत के लिए रखी गई अंतिम अरदास में शामिल होने गईं हैं।
रामपुर पहुंचने के बाद प्रियंका गांधी ने किया ट्वीट
यूपी के रामपुर पहुंचने के बाद प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया। इसमें लिखा, ‘सूरा सो पहचानिए, जो लरै दीन के हेत, पुरजा-पुरजा कट मरै, कबहू ना छोड़े खेत।’
दिल्ली-एनसीआर में दो और हफ्ते तैनात रहेंगी 31 सीआरपीएफ कंपनियां
किसान आंदोलन को ध्यान रखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है. 31 सीआरपीएफ कंपनियां जिसमें 16 आरएएफ कंपनियां भी शामिल हैं। वे फिलहाल दिल्ली एनसीआर में ही तैनात रहेंगी। उनकी तैनाती को दो और हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया है।
किसानों से मिल नहीं पाए विपक्षी नेता
गाजीपुर बॉर्डर से 10 विपक्षी पार्टियों के नेता किसानों से मिल नहीं पाए। इससे पहले बहुत देर तक नेता वहां खड़े रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं दी। नेताओं ने कहा कि वे लोग लोकसभा अध्यक्ष के पास जाकर यह बताएंगे कि किस तरीके से उन्हें नहीं जाने दिया गया।
गाजीपुर से हटाई जा रही टायर पंचर करने वाली कीलें
गाजीपुर पर विपक्षी सांसदों के पहुंचने के बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है। वहां लगे टायर पंचर वाली कीलों को हटाया जा रहा है। उन्हें अचानक हटाने का ऑर्डर क्यों दिया गया है, यह साफ नहीं है। लेकिन वेल्डिंग वाले का कहना था कि दिल्ली पुलिस उसे लेकर आई है।