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लखनऊ: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा देने पर सवाल करने वालों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी लोग ये सवाल पूछ रहे हैं उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि देश के प्रधानमंत्री के विरोध के बावजूद राष्ट्रपति राजेंद्र बाबू सोमनाथ मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में गए थे। ऐसा पहले भी हो चुका है कि राष्ट्रपति धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।

वहीं, राम मंदिर निर्माण पर उन्होंने कहा कि देश के पांच बड़े इंजीनियरिंग संस्थान, भवन निर्माण और भू-गर्भ के अध्ययन से जुड़ी संस्थाओं के वैज्ञानिकों ने मंदिर की नींव और धरती के नीचे का अध्ययन किया है। नींव के लिए कार्य प्रारंभ हो गया है। उन्होंने दावा किया कि मंदिर 39 महीने में बन जाएगा।

 

बता दें कि राम मंदिर के निर्माण के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पांच लाख 100 रुपये का दान दिया है। उनसे चंदा लेने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, विश्व हिंदू परिषद और स्वसंसेवक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचा था। मंदिर निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा करने के उद्देश्य से 'निधि समर्पण अभियान' की शुरुआत की गई है।

 

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