श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर में सरकार गठन को लेकर बनी असमंजस की स्थिति रविवार को भी स्पष्ट नहीं हो सकी। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को पार्टी विधायकों, सांसदों और अन्य नेताओं के साथ बैठक ली। हालांकि सरकार जल्द बनाने को लेकर महबूबा के रुख में कोई बदलाव नहीं देखा गया। पीडीपी अध्यक्ष का साफ कहना है कि जब तक उन्हें भाजपा से यह आश्वासन नहीं मिल जाता कि उनके पिता की विचारधारा का अनुसरण किया जाएगा, तब तक सरकार का गठन संभव नहीं है। महबूबा के पिता और दिवंगत मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व वाली सरकार में भाजपा भी शामिल थी। पीडीपी सूत्रों के मुताबिक, चार घंटे से अधिक चली बैठक में पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें अपने गठबंधन सहयोगी भाजपा से पूरा भरोसा चाहिए कि दिवंगत सईद की राज्य में समान विकास और शांति की विचारधार पर अमल किया जाएगा।
सूत्र के मुताबिक, महबूबा ने कहा कि वह सरकार गठन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वह बेवजह परेशानी मोल लेना नहीं चाहतीं। उन्होंने कहा कि मुफ्ती साहब के 10 महीने के कार्यकाल में उनके सपने पर विचार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वह राज्य में सत्ता के बारे में केवल यह सोचकर निर्णय नहीं ले सकतीं कि इससे वह मुख्यमंत्री बन जाएंगी। वहीं पार्टी नेता नईम अख्तर ने सरकार गठन के मसले पर भाजपा के सामने नई शर्तें रखने की खबरों को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि मीडिया तथ्यों की जांच किए बगैर या पीडीपी के किसी नेता से पूछे बगैर ऐसी खबरें छाप रहा है। 7 जनवरी को जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद से राज्य में राज्यपाल शासन लागू है। महबूबा मुफ्ती ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए अभी कोई कदम आगे नहीं बढ़ाया है।