श्रीनगर: हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को चिट्ठी लिखकर गिलगिट-बल्टिस्तान के पाकिस्तान में विलय के प्रस्तावित कदम का विरोध किया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह का कोई भी कदम बहुत बुरा साबित होगा। उन्होंने चिट्ठी में लिखा, 'पाकिस्तान में गिलगिट-बल्टिस्तान का विलय जम्मू-कश्मीर की विवादित स्थिति के लिए बहुत बुरा होगा और इस कदम से इस क्षेत्र के विवादित दर्जे पर असर पड़ेगा।' हुर्रियत नेता ने गिलगिट-बल्टिस्तान को जम्मू-कश्मीर का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि पाकिस्तान-चीन आर्थिक गलियारे से निश्चित तौर पर क्षेत्र की आर्थिक दशा बेहतर होगी लेकिन इस उद्देश्य के लिए इसका पाकिस्तान में विलय करना जरूरी नहीं है।
गिलानी ने कहा कि गिलगिट-बल्टिस्तान के लोगों की कुछ वास्तविक शिकायतें हो सकती हैं और उन शिकायतों पर ध्यान देकर पाकिस्तान अपने प्रति उनका विश्वास और उनकी सम्बद्धता बहाल कर सकता है।