ताज़ा खबरें
'वक्फ संशोधन बिल सिर्फ साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए': सोनिया गांधी
लोकसभा से पास हुआ वक्फ बिल: पक्ष में 288, विरोध में पड़े 232 वोट
ईडी की रेड पर बघेल बोले- यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध के तहत
2013 के संशोधन के चलते लाना पड़ा वक्फ संशोधन बिल: अमित शाह
वक्फ​ बिल बीजेपी की नफरत की राजनीति का नया अध्याय है: अखिलेश
'कल दूसरे समुदायों की जमीन पर भी होगी इनकी नजर': गौरव गोगोई
वक्फ​ बिल में धार्मिक कार्यकलाप में हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं:रिजिजू

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में सरकार गठन को लेकर नौ दिन का गतिरोध समाप्त होने के पहले संकेत के तहत पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कल (रविवार) अपनी पार्टी के विस्तारित कोर ग्रुप की बैठक बुलायी है। इस बैठक में आगे के कदम और भाजपा के साथ गठबंधन करने के बारे में विचार विमर्श किया जाएगा। अपने पिता एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की सात जनवरी को हुई मृत्यु के बाद महबूबा पहली बार पार्टी बैठक की औपचारिक रूप से अध्यक्षता करेंगी। महबूबा सरकार गठन के मामले में अपने पत्ते नहीं नहीं खोल रही है जिसके कारण अटकलें लगायी जा रही है। पीडीपी के एक वरिष्ठ नेता ने पीटीआई भाषा को बताया, ‘‘पीडीपी अध्यक्ष ने कल दोपहर अपने आवास पर पार्टी के विस्तारित कोर समूह की बैठक बुलाई है।’’ उन्होंने कहा कि बैठक में पार्टी सांसदों, पूर्व मंत्रियों एवं पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। राज्य में नौ जनवरी से राष्ट्रपति शासन लगाया गया है क्योंकि पीडीपी और भाजपा में से किसी ने भी सरकार बनाने का दावा नहीं किया है।

यह बैठक इन खबरों की पृष्ठभूमि में बुलायी गयी है कि महबूबा विभिन्न मुद्दों पर भाजपा से अप्रसन्न है। पीडीपी ने विधानसभा चुनाव में खंडित जनादेश आने के चलते भाजपा से हाथ मिलाया था और इसके बाद 10 माह तक मुफ्ती ने गठबंधन सरकार चलाई थी। माना जा रहा है कि पीडीपी नेतृत्व को कई मुद्दे परेशान कर रहे हैं जिनमें दिल्ली में सात जनवरी को निधन होने पर मुफ्ती को समुचित सम्मान नहीं दिए जाने और केन्द्र द्वारा राज्य को मामूली धनराशि जारी किये जाने के मुद्दे शामिल हैं। सत्तासी सदस्यीय विधानसभा में पीडीपी के 27 एवं भाजपा के 25 विधायक है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख