नई दिल्ली: छत्रसाल स्टेडियम में रविवार को एक सभा को संबोधित कर रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर एक महिला ने विरोध करते हुए उन पर स्याही फेंकी। हालांकि स्याही उन तक नहीं पहुंची और पोडियम पर लग गई। महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह महिला पंजाब में आम आदमी सेना की प्रभारी है। वहीं, आप पार्टी ने इस घटना को भाजपा की ‘भाजपा की साजिश’ करार दिया। जब केजरीवाल अपना भाषण दे रहे थे तब महिला मंच के समीप आयी और उसने उनकी ओर कुछ कागज लहराए और उसके कुछ ही समय बाद केजरीवाल पर स्याही फेंकी। कुछ स्याही मुख्यमंत्री तथा उनके पास खड़े लोगों पर भी गिरी। दिल्ली में सत्तारूढ़ आप से अलग हुई आम आदमी सेना की पंजाब ईकाई की सदस्य होने का दावा करने वाली इस महिला को पुलिस वहां से ले गयी और उससे मॉडल टाउन थाने में पूछताछ की गयी।
उसकी उम्र 20 साल के आसपास बतायी गयी है। इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए आक्रोशित नजर आ रहे उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने दिल्ली पुलिस की आलोचना की और घटना को एक बड़ी सुरक्षा चूक बताया। साथ ही इस बात पर हैरानी जतायी कि क्या पार्टी ‘केजरीवाल पर हमले के लिए तैयार बैठी थी।’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे भाजपा की साजिश नजर आती है। वे ऐसी स्थिति का फायदा उठाना चाहते हैं और केजरीवाल तथा पूरे कैबिनेट पर हमला करना चाहते हैं। वे लोगों को मरवा भी सकते हैं क्योंकि उन्हें सम-विषम योजना की सफलता और जनता के बीच आप की लोकप्रियता हजम नहीं हो रही है। पुलिस इस साजिश का हिस्सा है।’ घटना शाम करीब चार बजकर 50 मिनट पर हुई जब केजरीवाल को अपना भाषण करते हुए करीब पांच मिनट हुए थे। स्याही फेंके जाने के बाद केजरीवाल ने महिला से कागज लेकर अधिकारियों से उसे जाने देने की अपील की। इस अफरा-तफरी से भाषण में करीब सात मिनट तक बाधा पहुंची। उन्होंने बाद में कहा, ‘उन्हें छोड़ दो। वह किसी घोटाले का जिक्र कर रही हैं...सीएनजी घोटाला। उनसे पेपर ले लो।’ केजरीवाल ने कहा, ‘जब भी देश या दिल्ली में कुछ अच्छा करने की कोशिश की जाती है कुछ ताकतें हर तरह की अड़चन पैदा करती हैं। जैसा कि गोपाल राय ने कहा कि कई ताकतों ने सम-विषम योजना को विफल बनाने की कोशिश की।’ घटना के बारे में पूछे जाने पर पुलिस ने कहा कि महिला से पूछताछ की गयी लेकिन पुलिस ने महिला का नाम बताने से इंकार कर दिया। उधर महिला ने दावा किया कि उनके पास ‘सीडी के रूप में इस बात के सबूत हैं कि इन लोगों ने सीएनजी घोटाला किया था।’ कथित सीएनजी घोटाला पिछली कांग्रेस सरकार के शासनकाल में हुआ था और केजरीवाल सरकार ने हाल ही में इसकी जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है। न्यायाधिकार से जुड़े मुद्दे का हवाला देते हुए केंद्र ने जांच को गैर कानूनी करार दिया है लेकिन इससे बेपरवाह आप सरकार ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया है। आरोपों पर प्रतिक्रिया जताते हुए दिल्ली भाजपा प्रमुख सतीश उपाध्याय ने कहा कि घटना ‘कार्यकर्ता की हताशा या केजरीवाल द्वारा खुद को आमतौर पर पीड़ित दिखाए जाने के प्रायोजित खेल का हिस्सा हो सकती है।’ दिल्ली भाजपा ने एक बयान में कहा कि वह घटना को सही नहीं ठहराती है लेकिन ‘दूसरी ओर हम महसूस करते हैं कि यह केजरीवाल सरकार के प्रति लोगों की बढ़ती हताशा को दर्शाता है।’ परिवहन मंत्री गोपाल राय ने घटना को ‘शर्मनाक’ बताया जबकि जल संसाधन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली की जनता भाजपा को ‘दंड ’देगी। दोनों मंत्री घटना के समय मंच पर मौजूद थे। सिसौदिया ने कहा कि मुद्दा केवल केजरीवाल की सुरक्षा का नहीं है क्योंकि यदि यह बम या तेजाब हमला होता तो नतीजा भयानक होता। उन्होंने कहा, ‘उनका (पुलिस) हाई अलर्ट कहां है? दिल्ली पुलिस को संभवत: ऐसे आयोजन की कोई परवाह नहीं है जहां हजारों लोग एकत्र होते हैं। कोई जांच नहीं थी और पुलिस को जन सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है।’ सिसौदिया ने इस बात पर हैरानी जतायी कि घटना को अंजाम देने के बाद महिला संवाददाताओं से कैसे बात कर रही थी। उन्होंने कहा, ‘इसका मतलब यह है कि पुलिस साजिश का हिस्सा है और भाजपा के साथ है।’ हालांकि वह समारोह में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा, ‘हम वीआईपी सुरक्षा के खिलाफ हैं लेकिन मुख्यमंत्री, उनका पूरा कैबिनेट तथा हजारों लोग वहां मौजूद थे। वह महिला कैसे इतनी देर तक वहां खुली घूमती रही।’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘केंद्र को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं। जो लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, परदे के पीछे से साजिशें रच रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।’ दिल्ली के आप प्रमुख दिलीप पांडे ने ट्विट किया, ‘मुझे दिल्ली के अक्षम पुलिस प्रमुख के साक्षात्कार शुरू होने का इंतजार है जहां वह हमेशा की तरह ब्यौरा देंगे कि जो कुछ हुआ उन्हें उसकी चिंता क्यों नहीं है।’