ताज़ा खबरें

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में आज मौनी अमावस्या स्नान पर उमड़ी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। 'आज तक' के मुताबिक, भगदड़ में 10 से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका है। प्रशासन या सरकार की तरफ से मौतों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक आकंड़ा जारी नहीं किया गया है। इस हादसे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने दुख जताया है।

प्रबंधन से ज़्यादा स्व प्रचार पर ध्यान और बदइंतज़ामी है ज़िम्मेदार: खड़गे

खड़गे ने कहा, "महाकुंभ के दौरान, तीर्थराज संगम के तट पर हुई भगदड़ से कई लोगों की जान गई है और अनेकों लोगों के घायल होने का समाचार बेहद हृदयविदारक है। श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं और घायलों की शीघ्रातिशीघ्र स्वास्थ्य लाभ की हम कामना करते हैं। आधी अधूरी व्यवस्था, वीआईपी मूवमेंट, प्रबंधन से ज़्यादा स्व प्रचार पर ध्यान देना और बदइंतज़ामी इसके के लिए ज़िम्मेदार है।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट 'जनता की अदालत' है। यह 1.4 अरब लोगों की आकांक्षाओं का प्रतीक है। सुप्रीम कोर्ट के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर बैठी रस्मी पीठ में जस्टिस खन्ना ने कहा, हमारे सुप्रीम कोर्ट को वैश्विक मंच पर अलग पहचान मिलती है। इसका कारण यह है कि यह जनता की अदालत है।

संविधान लागू होने के बाद सुप्रीम कोर्ट अस्तित्व में आया। 28 जनवरी, 1950 को इसका उद्घाटन किया गया। शुरुआत में यह पुराने संसद भवन से कार्य करता था। 1958 में यह तिलक मार्ग स्थित वर्तमान भवन में स्थानांतरित हो गया।

सीजेआई बोले- मुकदमेबाजी की बढ़ती लागत न्याय में बाधा

जस्टिस खन्ना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट जीवंत संस्था है। यह हमारे लोकतंत्र के अंतरात्मा के प्रति उत्तरदायी है। 75 वर्षों में देश की जनता की न्याय तक पहुंच सुलभ हुई है, लेकिन उन्होंने तीन चुनौतियों पर ध्यान देने की जरूरत जताई। पहली चुनौती लंबित मामलों का बोझ जो न्याय में देरी का कारण बनता है।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): भारत ने भारतीय मछुआरों के मुद्दे पर श्रीलंका के सामने नाराजगी जताई है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के मुताबिक, श्रीलंकाई नौसेना की ओर से भारतीय मछुआरों को पकड़ने के लिए की गई गोलीबारी पर कोलंबो के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। मंत्रालय ने बताया कि डेल्फ्ट द्वीप के पास श्रीलंकाई नौसेना की फायरिंग में दो भारतीय मछुआरे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल भारतीय मछुआरों का जाफना अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पड़ोसी देश के कार्यवाहक राजदूत तलब

श्रीलंका के कार्यवाहक राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ' आज सुबह डेल्फ्ट द्वीप के नजदीक 13 भारतीय मछुआरों को पकड़ने के दौरान श्रीलंकाई नौसेना की ओर से गोलीबारी की घटना की सूचना मिली। मछली पकड़ने वाली नाव पर सवार 13 मछुआरों में से दो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनका इलाज जाफना टीचिंग अस्पताल में चल रहा है। तीन अन्य मछुआरों को मामूली चोटें आईं हैं। उनका भी इलाज किया जा रहा है।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग के अवैध धर्मांतरण के आरोपी कानपुर के मौलवी सैयद शाह काजमी उर्फ मोहम्मद शाद को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अवैध धर्मांतरण हत्या, रेप या डकैती जैसा कोई इतना गंभीर अपराध नहीं है कि उसमें जमानत न दी जा सके।

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के मौलवी को दी राहत

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे बी पारदीवाला की अध्यक्षता वाले 2 जजों की बेंच ने इस बात पर हैरानी जताई कि मौलवी को निचली अदालत और हाई कोर्ट ने जमानत नहीं दी। बेंच ने अपने आदेश में कहा है, "हर साल सेमिनार होते हैं, जिनमें निचली अदालत के जजों को यह बताया जाता है कि जमानत के मामले में वह अपने विवेक का इस्तेमाल कैसे करें। फिर भी जज अपनी इच्छा से जमानत देने या न देने का फैसला करते हैं। निचली अदालत के जज ने अगर याचिकाकर्ता को जमानत नहीं दी, तब भी कम से कम हाई कोर्ट से यह उम्मीद की जाती है कि वह ऐसा करता।" सुनवाई के दौरान मौलवी के लिए पेश वकील ने उसके 11 महीने से हिरासत में होने का हवाला दिया। 

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख