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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): भारत ने भारतीय मछुआरों के मुद्दे पर श्रीलंका के सामने नाराजगी जताई है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के मुताबिक, श्रीलंकाई नौसेना की ओर से भारतीय मछुआरों को पकड़ने के लिए की गई गोलीबारी पर कोलंबो के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। मंत्रालय ने बताया कि डेल्फ्ट द्वीप के पास श्रीलंकाई नौसेना की फायरिंग में दो भारतीय मछुआरे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल भारतीय मछुआरों का जाफना अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पड़ोसी देश के कार्यवाहक राजदूत तलब

श्रीलंका के कार्यवाहक राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ' आज सुबह डेल्फ्ट द्वीप के नजदीक 13 भारतीय मछुआरों को पकड़ने के दौरान श्रीलंकाई नौसेना की ओर से गोलीबारी की घटना की सूचना मिली। मछली पकड़ने वाली नाव पर सवार 13 मछुआरों में से दो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनका इलाज जाफना टीचिंग अस्पताल में चल रहा है। तीन अन्य मछुआरों को मामूली चोटें आईं हैं। उनका भी इलाज किया जा रहा है।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग के अवैध धर्मांतरण के आरोपी कानपुर के मौलवी सैयद शाह काजमी उर्फ मोहम्मद शाद को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अवैध धर्मांतरण हत्या, रेप या डकैती जैसा कोई इतना गंभीर अपराध नहीं है कि उसमें जमानत न दी जा सके।

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के मौलवी को दी राहत

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे बी पारदीवाला की अध्यक्षता वाले 2 जजों की बेंच ने इस बात पर हैरानी जताई कि मौलवी को निचली अदालत और हाई कोर्ट ने जमानत नहीं दी। बेंच ने अपने आदेश में कहा है, "हर साल सेमिनार होते हैं, जिनमें निचली अदालत के जजों को यह बताया जाता है कि जमानत के मामले में वह अपने विवेक का इस्तेमाल कैसे करें। फिर भी जज अपनी इच्छा से जमानत देने या न देने का फैसला करते हैं। निचली अदालत के जज ने अगर याचिकाकर्ता को जमानत नहीं दी, तब भी कम से कम हाई कोर्ट से यह उम्मीद की जाती है कि वह ऐसा करता।" सुनवाई के दौरान मौलवी के लिए पेश वकील ने उसके 11 महीने से हिरासत में होने का हवाला दिया। 

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): विदेश सचिव विक्रम मिस्री दो दिवसीय चीन दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों की एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। यह बैठक विदेश सचिव और चीनी उप विदेश मंत्री के बीच संवाद के लिए आयोजित की गई थी। बैठक में भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गई और भविष्य में संबंधों को मजबूत बनाने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने पर सहमति जताई गई। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोमवार को यह जानकारी दी।

गर्मियों में शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा

एमईए ने कहा, “जैसा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच अक्टूबर में कज़ान में हुई बैठक में सहमति बनी थी, दोनों पक्षों ने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति की व्यापक समीक्षा की और संबंधों को स्थिर और बहाल करने के लिए कुछ जन-केंद्रित कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की।

मंत्रालय के मुताबिक, बैठक के दौरान दोनों देशों ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को इस साल गर्मियों में फिर से शुरू करने का फैसला लिया।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा कर रही संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सदस्यों द्वारा प्रस्तावित सभी संशोधनों को सोमवार को स्वीकार कर लिया। वहीं, विपक्षी सदस्यों ने संशोधन प्रस्तावों को खारिज करते हुए समूची प्रक्रिया की निंदा की है।

विपक्ष ने कहा- 'हमारी बातें नहीं सुनी गई'

समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि समिति द्वारा स्वीकार किए गए संशोधनों से कानून बेहतर और प्रभावी होगा। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने बैठक की कार्यवाही की निंदा की और पाल पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ‘पलटने’ का आरोप लगाया।

तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह हास्यास्पद कवायद थी। हमारी बात नहीं सुनी गई। पाल ने तानाशाही तरीके से काम किया है।’’ वहीं पाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक थी और बहुमत की राय को स्वीकार किया गया है।

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