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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 76वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा, 'मेरे प्यारे देशवासियों, नमस्कार! गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मैं आप सबको हार्दिक बधाई देती हूं। विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में शामिल भारत को ज्ञान और विवेक का उद्गम माना जाता था, लेकिन भारत को एक अंधकारमय दौर से गुजरना पड़ा... आज के दिन सबसे पहले हम उन सूर वीरों को याद करते हैं जिन्होंने मातृभूमि को विदेशी शासन की बेड़ियों से मुक्त करने के लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी दी... इस वर्ष हम भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मना रहे हैं। वे ऐसे अग्रणी स्वाधीनता सेनानियों में शामिल हैं, जिनकी भूमिका को राष्ट्रीय इतिहास के संदर्भ में अब समुचित महत्व दिया जा रहा है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने आगे कहा, न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता केवल सैद्धांतिक अवधारणाएं नहीं हैं जिनका परिचय हमें आधुनिक युग में प्राप्त हुआ हो। ये जीवन मूल्य को सदा से ही हमारी सभ्यता और संस्कृति का अंग रहे हैं। भारत के गणतांत्रिक मूल्यों का प्रतिबिंब हमारी संविधान सभा की संरचना में दिखाई देता है।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंध नई ऊंचाई पर पहुंच रहे हैं। रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए आज दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए हैं। दोनों ने रक्षा विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्रों में संयुक्त रूप से काम करने पर सहमति जताई। दोनों देशों के बीच ये बढ़ती दोस्ती चीन को एक संदेश भी है।

गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि हैं सुबियांटो

बता दें कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो गणतंत्र दिवस पर भारत के मेहमान हैं। भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांटो (26 जनवरी) रविवार को कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उनकी मेजबानी की और उनके साथ वार्ता भी की। मोदी ने इंडोनेशिया को 10 देशों के आसियान ब्लॉक के साथ-साथ इंडो-पैसिफिक में भा रत का "महत्वपूर्ण साझेदार" बताया और कहा कि दोनों देश इस क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार 26 जनवरी को धूमधाम से गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ पर होने वाले मुख्य समारोह के लिए और अन्यथा यातायात व्यवस्था को लेकर एडवाइजरी जारी की है। उसने बताया है कि कई रास्तों पर डायवर्जन होगा। इसके अलावा पार्किंग एरिया के बारे में भी जानकारी दी गई है।

25 जनवरी रात 9 बजे से सारे बॉर्डर कर दिए जाएंगे सील

ट्रैफिक पुलिस के एडिशनल सीपी दिनेश गुप्ता ने मीडिया को बताया, "26 जनवरी के लिए हमने एक विस्तृत ट्रैफिक अरेंजमेंट एडवाइजरी जारी की है, जिसमें हमने लोगों को बताया है कि किन-किन रास्तों पर डायवर्जन होगा और यदि आप परेड देखना चाहते हैं तो किन रास्तों को फॉलो करें। इसके अलावा, पार्किंग एरिया में किस प्रकार से पहुंचेंगे और पार्किंग के बाद उस स्थान पर कैसे जाएंगे, इसकी पूरी जानकारी भी दी गई है। हमने यह सारी जानकारी सोशल मीडिया, ट्विटर, फेसबुक और प्रिंट मीडिया के जरिए व्यापक रूप से पब्लिश की है, ताकि लोग जान सकें कि 26 जनवरी के दौरान उन्हें किन-किन प्रतिबंधों का सामना करना होगा और उनका यात्रा अनुभव सुगम हो सके।"

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी के निलंबित विपक्षी सदस्यों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कार्यवाही को निष्पक्ष तरीके से संचालित करने की मांग की है। इन सदस्यों को सभापति जगदंबिका पाल के खिलाफ कार्यवाही में तेजी लाने के लगातार विरोध और आरोपों के बीच शुक्रवार (24 जनवरी 2025) एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया था।

'फोन पर किसी से बात की और सस्पेंड कर दिया'

निलंबित सदस्यों ने पत्र में कहा, "चूंकि हम सभी अपमानित महसूस कर रहे थे, इसलिए हम खड़े हुए और अपनी मांगों को बताने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई। इस बीच, सभापति ने किसी से फोन पर बात की और अचानक से उन्होंने चिल्लाते हुए हमें निलंबित करने का आदेश दिया।" उन्होंने कहा, "विधेयक में प्रस्तावित संशोधन न केवल देश भर में वक्फ बोर्डों की जमीनों से जुड़े हैं, बल्कि उच्च न्यायालयों/उच्चतम न्यायालय की न्यायिक आदेशों के लिए भी प्रासंगिक हैं।" सांसदों ने कहा, इस संबंध में राज्य सरकारों की ओर से अधिनियमित कानून और नियम भी चुनौती में हैं, जिससे हितों का टकराव पैदा हो गया है।

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