गुवाहाटी: अरुणाचल प्रदेश के तिराप जिले में उग्रवादियों ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) विधायक तिरोंग अबो सहित 11 लोगों की हत्या कर दी। तिरोंग अबो मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की पार्टी के विधायक थे। घटना में विधायक तिरोंग अबो के बेटे की भी मौत हो गई। एनएससीएन उग्रवादियों ने घात लगाकर घटना को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि 2 की हालत गंभीर है। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराद संगमा ने घटना पर दुख जताया है और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से हमले के लिए जिम्मेदार समूह के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने ट्वीट किया, "एनपीपी अपने नेता और विधायक तिरोंग अबोह (अरुणाचल प्रदेश) और उनके परिवार की मौत की खबर सुनकर स्तब्ध और शोक में है। हम इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करते हैं और गृह मंत्री व पीएमओ से अपील करते हैं कि वे हमले में शामिल समूह के खिलाफ कार्रवाई करें।" पुलिस सूत्रों ने बताया कि उग्रवादियों ने तिरोंग अबो को पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी। अबो एनपीपी से विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे। इससे पहले वह कांग्रेस से विधायक चुने गए थे। पुलिस के अनुसार विधायक तिरोंग अबो तीन गाड़ियों के काफिले के साथ जा रहे थे। इनमें से एक कार उनका बेटा चला रहा था, जो काफिले की पहली गाड़ी थी।
इलाके में सक्रिय एनएससीएन उग्रवादियों ने काफिले की पहली गाड़ी को रोक दिया और बेहद करीब से अंधाधुंध गोलियां बरसाने लगे। सभी उग्रवादी लड़ाके की वेशभूषा में थे। घटना के बाद असम राइफल्स ने इलाके में सर्च अभियान चलाया है। बता दें कि उग्रवादियों ने इससे पहले भी एनपीपी और भाजपा के स्थानीय नेताओं की हत्या कर दी थी।
बता दें कि बीते 27 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सली हमले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक भीमा मंडावी की मौत हो गई। भीमा मंडावी के अलावा 3 पीएसओ और ड्राइवर को भी नक्सलियों ने मौत के घात उतार दिया था। उस समय नक्सलियों ने भीमा मंडावी के काफिले को निशाना बनाया था। बता दें कि जब विधायक के काफिले को निशाना बनाया गया तब वह तब चुनाव-प्रचार करने जा रहे थे।