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लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खण्ड पीठ ने प्रदेश में ड्रग इंस्पेक्टरों की सीधी भर्ती के लिए जारी विज्ञापन को प्राधिकार विहीन व संबंधित नियम के अनुकूल न होने पर उसे खारिज कर दिया है।

न्यायालय ने इस विज्ञापन के तहत हुए चयन को भी निरस्त करते हुए राज्य सरकार को यह छूट दी है कि इसके लिए सम्बंधित कानून के नियम के तहत नया विज्ञापन या शुद्धिपत्र जारी कर सकती है। साथ ही यूपी लोक सेवा आयोग से भी अपेक्षा की है कि वह लागू कानून के तहत कार्यवाही करे।

यह फैसला न्यायामूर्ति ए आर मसूदी ने अशीष त्यागी व अन्य की याचिका पर दिया। याचियों ने ड्रग इंस्पेक्टरों की भर्ती  को 10 अगस्त 2016 को जारी विज्ञापन को चुनौती दी थी। यचियों का कहना था कि विज्ञापन में दी गई अर्हता, ड्रग ऐंड कस्मेटिक अघिनियम 1940 के नियम 49 के तहत वर्णित जरूरी योग्यता के मुताबिक नहीं थी, ऐसे में यह विज्ञापन रद्द किए जाने लायक था।

 

दूसरी ओर राज्य सरकार व यूपी लोक सेवा आयोग की तरफ से विज्ञापन को उचित कहते हुए याचिका का विरोध किया गया। अदालत ने याचिका को मंजूर करते हुए ड्रग इंस्पेक्टरों की सीधी भर्ती के लिए वर्ष 2016 में जारी विज्ञापन को प्राधिकार विहीन व संबंधित नियम के खिलाफ करार देकर रद्द कर दिया। न्यायालय ने इस विज्ञापन के तहत हुए चयन को भी निरस्त करते हुए राज्य सरकार को यह छूट दी है कि इसके लिए सम्बंधित कानून के नियम के तहत नया विज्ञापन या शुद्धिपत्र जारी कर सकती है।

 

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