ताज़ा खबरें
वक्फ विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी डीएमके: सीएम स्टालिन
'वक्फ संशोधन बिल सिर्फ साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए': सोनिया गांधी
लोकसभा से पास हुआ वक्फ बिल: पक्ष में 288, विरोध में पड़े 232 वोट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के एक सरकारी अस्पताल में रविवार की शाम को 46 साल के एक वार्ड बॉय की मौत हो गई, जिसे 24 घंटे पहले ही कोविड वैक्सीन लगाया गया था। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि उसकी मौत का कोविड वैक्सीन से कोई लेना-देना नहीं है।वार्ड बॉय महिपाल सिंह की रविवार को सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ होने के चलते मौत हो गई थी। उनके परिवारवालों का कहना है कि  वैक्सीन लगवाने के बाद से ही परेशानी की शिकायत कर रहे थे।

मुरादाबाद के चीफ मेडिकल ऑफिसर एमसी गर्ग ने रविवार देर रात पत्रकारों से कहा कि 'उन्हें शनिवार की दोपहर वैक्सीन लगाई गई थी। रविवार को उन्हें सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द की शिकायत हुई। हम उनकी मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। पोस्टमार्टम कराया जाएगा। यह वैक्सीन का रिएक्शन नहीं लगता है। उन्होंने शनिवार की रात को अपनी नाइट ड्यूटी भी की थी और तबतक कोई दिक्कत नहीं थी।'

 

परिजनों के आरोपों पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एम.सी. गर्ग ने कहा कि महिपाल सिंह की मौत कोरोना वायरस वैक्सीन की वजह से नहीं हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि महिपाल की मौत हार्ट अटैक से हुई है।

इस पूरे मामले में मुरादाबाद के डीएम राकेश सिंह ने कहा है कि वैक्सीन की वजह से महिपाल की मौत की अफवाह उड़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सा अधिकारी गर्ग ने बताया कि रविवार को महिपाल अचानक बीमार पड़ गया था। उन्हें सीने में जकड़न और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत थी। इतना ही नहीं, उन्हें पहले से निमोनिया भी था और उसका इलाज भी चल रहा था।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख