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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आशा कार्यकर्ता को बड़ी सौगात देते हुए उन्हें प्रोत्साहन राशि के रूप में 750 रुपये देने का एलान किया है। सीएम ने कहा कि सरकारी अस्पतालों मरीजों को डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ मिलना चाहिए, ना कि दलाल। उन्होंने यह भी कहा कि हमने दवाओं की खरीद में बड़े-बड़े खेल को रोका है। सीएम ने यह बात शुक्रवार लोकभवन में टेलीमेडिसन सेंटर समेत कई परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुए कही। इसमें 102 व 108 एम्बुलेंस सेवा, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड व आरोग्य कार्ड वितरण, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, मातृ एवं शिशु कल्याण स्वास्थ्य इकाई, टेलीमेडिसिन सेंटर एवं टैलीरेडियोलॉजी सेंटर शामिल हैं।

योगी आदित्यनाथ ने आरोग्य केंद्रों में कार्यरत जीएनएम व एएनएम कार्यकर्ताओं को टैबलेट भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीज हॉस्पिटल में जाता है तो उसको डॉक्टर एयर पैरामेडिकल की सुविधा मिलनी चाहिए। हमने देखा है कि मरीज को दलालों द्वारा प्राइवेट हॉस्पिटल में भेजा जाता है। आयुष्मान भारत योजना से इसमें रोक लगी है। सरकारी अस्पताल में अच्छे इलाज के बाद मरीज को सम्मानजनक तरीके से घर भेजा जाना चाहिए।

इससे छवि बदलेगी। पहले जिला अस्पतालों का बुरा हाल था लेकिन अब उस पर भी सुधार किया गया है। 1947 से 2014 तक केवल 13 राजकीय मेडिकल कालेज थे और हम 15 मेडिकल कालेज बना रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ लोगों को सीधा लाभ होने जा रहा है। सीएम ने कहा कि आशा,आंगनबाड़ी कर्मियों ने टीकाकरण अभियान को निचले स्तर तक ले जाने का काम किया है। आशा व आंगनबाड़ी कर्मियों ने टीकाकरण अभियान को निचले स्तर तक ले जाने का काम किया है।

प्रधानमंत्री चाहते थे कि अगर उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी होगी इसका असर राष्ट्रीय स्तर पर दिखेगा। और उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमने टीम वर्क के साथ यह काम किया है। टेलीमेडिसिन के द्वारा अब हम दूरदराज तक अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं दे सकते हैं। अब व्यक्ति को हॉस्पिटल नहीं जाना है अब हॉस्पिटल गरीबों के घर पहुचेगा। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में अगर हम अच्छे आरोग्य केंद्र दे दे तो हम प्रदेश की स्वस्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जा सकता है।

वायुसेना जैसी सतर्कता की जरूरत एंबुलेंस सेवा में भी

सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं खास तौर पर एंबुलेंस सेवा के मामले उसी तरह की सतर्कता की जरूरत है जैसी सजगता वायुसेना ने दिखाई। पाकिस्तान से फाइटर प्लेन हमारे सीमा में आ रहे थे और हमारी फाइटर प्लेन ने इनको रोक दिया, क्यों की हमारे फाइटर प्लेन भी अलर्ट थे। अगर अलर्ट न होते तो कितना नुकसान हो सकता था। यही सतर्कता की जरूरत यहां भी है।

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