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पणजी: गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर ने बागी तेवर अपना लिए हैं। उन्होंने भाजपा से टिकट न मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी पर सवाल उठाए हैं। उत्पल पर्रिकर ने कहा, अब समय आ गया है कि मैं अपने पिताजी के मूल्यों के साथ खड़ा रहूं। मैंने भाजपा को यह समझाने का भरपूर प्रयास किया कि मुझे कार्यकर्ताओं का समर्थन प्राप्त है, लेकिन यहां टिकट एक अवसरवादी उम्मीदवार को दे दिया गया है। मैं निर्दलीय चुनाव लड़ूंगा। मनोहर पर्रिकर के बेटे ने इसी के साथ भाजपा छोड़ने का एलान भी कर दिया है। उत्पल पर्रिकर ने पणजी सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरने का फैसला किया है।

गौरतलब है कि भाजपा ने गोवा की अपनी लिस्ट में उत्पल को उम्मीदवार नहीं बनाया था। आम आदमी पार्टी ने उत्पल को अपनी पार्टी से टिकट देने और मौजूदा प्रत्याशी को वापस लेने की पेशकश भी की थी, हालांकि उत्पल ने बिना किसी पार्टी के समर्थन के ही मैदान में उतरकर अपनी ताकत दिखाने का फैसला किया है।

गोवा विधानसभा चुनाव के लिए ​भाजपा ने दो दिन पहले उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। गोवा के पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर को टिकट देने से भाजपा ने इंकार किया था। गोवा में भाजपा सरकार के मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा था कि "सिर्फ इसलिए कि आप किसी के बेटे हैं, भाजपा किसी का समर्थन नहीं करेगी। गोवा स्वास्थ्य मंत्री राणे ने स्वीकार किया कि मनोहर पर्रिकर गोवा में सत्तारूढ़ भाजपा के सबसे बड़े नेता थे, लेकिन उन्होंने घोषित किया कि उनके बेटे उत्पल को भाजपा के साथ काम करना चाहिए, सीखना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का मतलब यह नहीं है कि टिकट दिया जाएगा।

उत्पल पर्रिकर का नाम नहीं है। उत्पल पणजी विधानसभा सीट से टिकट की मांग कर रहे थे। बीजेपी ने अतनासियो 'बाबुश' मॉन्सेरेट पर दांव खेला है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन्हें आम आदमी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ने की पेशकश की थी। उत्पल को पेशकश करते हुए केजरीवाल ने ट्वीट में लिखा था, "गोवावासियों को इस बात का दुख होता है कि भाजपा ने पर्रिकर परिवार के साथ भी यूज एंड थ्रो (की नीति अपनाई है। मैंने हमेशा मनोहर पर्रिकर जी का सम्मान किया है। आप के टिकट पर चुनाव में शामिल होने और लड़ने के लिए उत्पल जी का स्वागत है।

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