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बस्तर: आईजी एसआरपी कल्लूरी ने ताड़मेटला मामले में खुद पर लगे आरोपों पर ना सिर्फ सफ़ाई दी बल्कि उन्होंने चौंकाते हुए सीधे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को चुनौती दे दी। अब तक सिर्फ नक्सल-पुलिस मुठभेड़ की कामयाबी के ऑपरेशन्स की जानकारी देने के लिए सामने आते रहे क्ल्लूरी पर जब ताड़मेटला कांड पर निशाना साधा गया तो कल्लूरी एनकाउंटर करने कैमरे के सामने आए। सीबीआई के चालान और उसमें हुए खुलासे पर कल्लूरी ने कहा कि वो मानते हैं कि ताड़मेटला और दौ और गांवों में आग से जले 252 घर पुलिस ऑपरेशन के दौरान जले लेकिन पुलिस ने वो घर नहीं जलाए। उन्होंने कहा कि क्योंकि गर्मी का मौसम था ऐसे में बमबारी से आदिवासियों के घर जले होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वो कायर नहीं है और अगर फोर्स कोई गलत काम करेगी तो वो सबसे पहले उसकी जिम्मेदारी लेंगे। सिंघम स्टाइल में कल्लूरी ने बता दिया कि उनके लिए सबसे पहले देश की सुरक्षा और एकता है। तो साथ ही ऐसे लोगों को भी उन्होंने चेता दिया जो फोर्स का मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को वो कानून के हद में रहते हुए कुचल डालेंगे। इतना ही नहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को चुनौती देते हुए कल्लूरी ने कह दिया कि उनके जाने से अगर नक्सलवाद खत्म होता है तो वो 23 घंटे में बस्तर छोड़ देंगे।

रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में 354 माओवादियों और उनके समर्थकों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सुकमा जिले के पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सुकमा जिला मुख्यालय में आज 17 हथियार समेत 57 नक्सली सदस्यों और उनके 297 समर्थकों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाले सभी ने समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बताया कि जिला मुख्यालय में आज बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक एसआरपी कल्लूरी, कलेक्टर नीरज बंसोड़, पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण ऐलेसेला और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने 57 नक्सलियों और 297 नक्सल समर्थकों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें से 17 नक्सलियों ने भरमार बंदूक के साथ आत्मसमर्पण किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर नक्सली समर्थक केरलापाल, माझीपारा, पटेलपारा, बोरगुड़ा और अन्य गांव के हैं। इन समर्थकों ने भविष्य में नक्सलियों का साथ नहीं देने और समाज की मुख्य धारा से जुड़कर रहने का संकल्प लिया है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में नक्सलियों ने तीन आदिवासी युवकों की धारदार हथियार से हत्या कर उनके शवों को सड़क पर फेंक दिया। कांकेर जिले के पुलिस अधीक्षक एम एल कोटवानी ने शनिवार को बताया कि जिले के आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुर्रापिंजोड़ी गांव में नक्सलियों ने तीन आदिवासी युवकों जैन कुमार हुर्रा (22), अंतुराम हुर्रा (24) और मानक राम हुर्रा (32) की धारदार हथियार से हत्या कर दी है। कोटवानी ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि बीती रात क्षेत्र की डिवीजनल कमेटी के सदस्य रमेश और चारगांव लोकल ऑपरेशन स्क्वाड (एलओएस) कमांडर सोनू समेत लगभग आठ नक्सली सदस्य हुर्रापिंजोड़ी गांव पहुंचे। नक्सलियों ने गांव में जैन कुमार, अंतुराम और मानक राम के घर धावा बोला और उन्हें अपने साथ जंगल की ओर ले गए। बाद में नक्सलियों ने तीनों की धारदार हथियार से हत्या कर उनके शवों को सड़क पर फेंक दिया और वहां से फरार हो गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों ने तीनों आदिवासियों पर पुलिस का साथ देने तथा मुखबिरी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस दल को घटनास्थल रवाना किया गया और शवों को बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी नक्सलियों की तलाश शुरू कर दी है। कोटवानी ने कहा कि मारे गए आदिवासी युवकों का पुलिस से कोई संबंध नहीं है तथा मुखबिर होने का आरोप भी गलत है। अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में नक्सलियों की पकड़ ढीली होती जा रही है, इसलिए वह अब निराशा में अपना गुस्सा अदिवासियों पर निकाल रहे हैं।

रायपुर: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई गोलीबारी में आज दो नक्सली मारे गए। वसुकमा के पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने बताया, ‘यह मुठभेड़ आज तड़के फुलबागदी थाना क्षेत्र के घने जंगलों में हुई। उस समय सुरक्षा बलों का एक संयुक्त दल माओवादी-विरोधी अभियान पर गया था।’ उन्होंने कहा कि जिला रिजर्व ग्रुप (डीआरजी), छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) और स्थानीय पुलिस के एकीकृत दस्ते ने विशेष जानकारी के आधार पर यहां से लगभग 450 किलोमीटर दूर स्थित फुलबागदी के आंतरिक इलाकों में अभियान शुरू किया था। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि उग्रवादियों की ओर से सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। यह मुठभेड़ पुलिस थाने से लगभग आठ किलोमीटर दूर हुई। उग्रवादी घने जंगलों की ओट में जल्दी ही भाग निकलने में कामयाब हो गए। उन्होंने कहा, ‘इलाके की तलाशी के दौरान, दो पुरूष माओवादियों के शव और दो बंदूकें मौके से बरामद की गईं।’ उन्होंने कहा कि गश्त दल के अपने शिविर लौट आने पर उग्रवादियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। कल बस्तर संभाग के दो अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा बलों ने तीन नक्सलियों को मार गिराया था। आज की मुठभेड़ के साथ ही इस साल बस्तर में हुई मुठभेड़ों में मरने वाले माओवादियों की संख्या 99 हो गई है।

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