ताज़ा खबरें
वक्फ विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी डीएमके: सीएम स्टालिन
'वक्फ संशोधन बिल सिर्फ साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए': सोनिया गांधी
लोकसभा से पास हुआ वक्फ बिल: पक्ष में 288, विरोध में पड़े 232 वोट

रांची: झारखंड सरकार की लापरवाही से राज्य में 10 लाख से अधिक लोगों का आधार डाटा सार्वजनिक हो गया है। राज्य के सामाजिक सुरक्षा विभाग की वेबसाइट की लापरवाही का बड़ा मामला समाने आया है। झारखंड में कुल 16 लाख पेंशनर हैं, इनमें से 14 लाख लोगों ने अपने बैंक खाते को आधार से जोड़ दिया है। इन सभी लोगों की आधार की जानकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक हो गई है। इस वेबसाइट पर वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले लोगों का आधार नंबर के साथ, नाम पता और बैंक खाते की जानकारी भी सार्वजनिक हो गई है। इन लोगों का निजी डाटा किसी को भी मिल सकता है जो इस वेबसाइट पर जाकर देखने की कोशिश करेंगे। यह गड़बड़ी उस समय सामने आई है जब सरकार कई तरह के सरकारी लाभ पाने के लिए आधार को अनिवार्य करने की बात कर रही है। जब संवाददाता ने वेबसाइट पर जाकर देखा तो पाया कि यहां पेंशनरों के बैंक खाते के बारे में और आधार नंबर को आसानी से देखा जा सकता है। जबकि आधार एक्ट के तहत किसी का भी आधार नंबर प्रकाशित करना गलत है। हाल ही में आधार सेवा प्रदान करने वाले वेबसाइट को यूआईडीएआई ने दस साल के लिए काली सूची में डाल दिया था जिसने क्रिकेटर एमएस धौनी का आधार नंबर सार्वजनिक कर दिया था। हाल में यूआईडीएआई ने ऐसी कई वेबसाइटों को भी प्रतिबंधित किया है जो आधार सेवाएं प्रदान करने का दावा करते थे।

देवघर: राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के मुखिया मोहन भागवत ने राम मंदिर निर्माण पर कहा कि कोर्ट में इसका इलाज नहीं है। भागवत मंगलवार को झारखंड के देवघर में आयोजित में हिन्दू समागम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा है कि देशवासी रामजन्म स्थान में राम मंदिर निर्माण चाहते हैं। फिर इसके लिए लड़ाई क्यों। कोई मत, पंथ विरोध में खड़ा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इस्लाम धर्मावलंबी मंदिर का विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि राजनीतिक कट्टरपन इस पर रोक लगाता है। भागवत का बयान ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट अयोध्या के राम मंदिर विवाद पर आम सहमति बनाने की पैरवी कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने पिछले महीने कहा था, ‘’इस तरह के संवेदनशील मसलों का हल आपसी सहमति से निकाला जाना बेहतर है। दोनों पक्षों को आपस में हल निकालने की कोशिश करनी चाहिए. अगर ऐसा हो सके तो कोर्ट मध्यस्थता कर सकता है। अगर दोनों पक्ष बातचीत के लिए तैयार हों तो किसी जज को मध्यस्थता का ज़िम्मा दे सकते हैं. मैं खुद भी इस काम के लिए तैयार हूं।’’ उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान में सभी पंथ स्वीकार्य हैं। यहां के लोग सभी को साथ लेकर चलते हैं। कुम्हराबांधी मैदान में धर्म, संस्कृति रक्षा समिति की ओर से आयोजित हिन्दू समागम में बतौर मुख्य वक्ता संघ प्रमुख ने कहा कि देशभर में हिन्दू जन-जागरण अभियान चल रहा है।

सिमडेगा: जिले के नक्सल प्रभावित महाबुआंग थाना क्षेत्र में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में बानो थाना प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। यह मुठभेड़ शनिवार की आधी रात के आसपास हुई। शहीद थाना प्रभारी का नाम विद्यापति सिंह है, जबकि जवान का नाम तरुण बुराली है। शहीद थाना प्रभारी मूल रूप से डालटनगंज के रहनेवाले थे। जानकारी के अनुसार शनिवार को जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर महाबुआंग में प्रशासन ने जनता दरबार का आयोजन किया था। यहां 11 अप्रैल को मुख्य सचिव राजबाला वर्मा का कार्यक्रम होनेवाला है। जनता दरबार और मुख्य सचिव के कार्यक्रम की तैयारी के सिलसिले में थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ उस इलाके में गए थे। वहां से लौटते समय पहले से घात लगाए नक्सलियों ने पुलिस दल पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। पुलिस दल की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई, लेकिन नक्सली अंधेरे का फायदा उठा कर भाग निकले। पुलिस दल में शामिल जिला बल के जवान तरुण बुराली की गोली लगने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि थाना प्रभारी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। थाना प्रभारी को आनन-फानन में जिला मुख्यालय स्थित बीरू अस्पताल लाया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार थाना प्रभारी की मौत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई।

हजारीबाग: भाजपा नेता यशवंत सिन्हा को मंगलवार सुबह हजारीबाग में नवरात्रि के मौके पर प्रतिबंधित मार्ग से रामनवमी जुलूस निकालने के कारण गिरफ्तार किया गया है। नवरात्र मार्च की अगुवाई यशवंत सिन्हा कर रहे थे। दरअसल यह रूट विवादित है जहां से प्रशासन की जुलूस को लेकर पाबंदी है। महुदी गांव में रामनवमी जुलूस निकाल रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इससे गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। उन्हें काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा. यशवंत सिन्हा हजारीबाग से बड़कागांव के लिए जुलूस लेकर निकले थे। पुलिस ने कुछ गांववालों को भी गिरफ्तार किया है। गौर हो कि इस रूट पर 1984 से धार्मिक जुलूस पर पाबंदी है। यशवंत सिन्हा को गिरफ्तार करने से पहले जिले के डीसी और एसपी ने उन्हें काफी समझाया. उन्हें हजारीबाग से बड़कागांव वाले रुट से जुलूस नहीं निकालने की अपील की गई लेकिन यशवंत सिन्हा जुलूस निकालने को लेकर अड़े रहे। हजारीबाग से बड़कागांव रूट पर सड़क से 100 मीटर दूर मस्जिद है.जिले के बड़कागांव स्थित महूदी से रामनवमी जुलूस निकालने को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। दशकों से मार्ग विवाद के कारण रामनवमी जुलूस बाधित होता रहा है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख