ताज़ा खबरें
वक्फ विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी डीएमके: सीएम स्टालिन
'वक्फ संशोधन बिल सिर्फ साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए': सोनिया गांधी
लोकसभा से पास हुआ वक्फ बिल: पक्ष में 288, विरोध में पड़े 232 वोट

रांची: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चारा घोटाले से जुड़े दो मामलों में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव आज यहां केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत में हाजिर हुए। यादव चारा घोटाले के मामले 64 ए 96 में सीबीआई के विशेष न्यायाधीक्ष शिवपाल सिंह की विशेष अदालत में आज पेश हुए। यह मामला देवघर कोषागार से 97 लाख रुपये की अवैध निकासी का है। यादव चारा घोटाले के एक अन्य मामले 45 ए 96 में भी अदालत में पेश हुए। यह मामला डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ 37 लाख रुपये की निकासी का है। राजद अध्यक्ष यादव के अलावा बिहार के मुख्यमंत्री डा.जगन्नाथ मिश्र भी चारा घोटाले के मामले 54 ए 96 में अदालत में पेश हुए। अदालत ने उन्हें इस मामले में जमानत दे दी। अदालत से निकलने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यादव ने कहा कि कोर्ट के बुलावे पर वह अदालत में हाजिर हुए हैं। उन्होंने कहा कि वह अदालत का पूरा सम्मान करते हैं और उन्हें न्याय मिलेगा।

गिरिडीह: माओवादियों ने आज (सोमवार) हावड़ा नई दिल्ली ग्रांड कॉर्ड सेक्शन में विस्फोट करके ट्रेन की पटरी उड़ाकर झारखंड में एकदिवसीय बंद की शुरूआत की। ट्रेन की पटरी उड़ने से राजधानी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई। पुलिस अधीक्षक :रेलवे:, धनबाद असीम विक्रांत मिंज ने कहा कि कल मध्यरात्रि को बंद शुरू होने के थोड़ी देर बाद रात 12 बजकर 40 मिनट पर धनबाद रेलवे संभाग के तहत चिचाकी . कर्माबाद स्टेशनों के बीच पटरी उड़ाई गई। रेलवे सूत्रों ने कहा कि कालका मेल, तीन राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन, हटिया पटना एक्सप्रेस, हावड़ा देहरादून एक्सप्रेस सहित लंबी दूरी की कई ट्रेनें घटना के बाद फंस गईं। कई मालगाड़ियों की आवाजाही भी बाधित हुई। वरिष्ठ संभागीय वाणिज्यिक प्रबंधक :धनबाद:, एके झा ने कहा कि सुबह सात बजकर 40 मिनट पर मार्ग पर रेलवे सेवाएं बहाल कर दी गईं। पुलिस ने कहा कि विस्फोट के तुरंत बाद हजारीबाग के रेलवे अधिकारी और रेलवे सुरक्षा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एक अन्य घटना में, गिरिडीह पुलिस अधीक्षक अखिलेश बी बेरियार ने कहा कि माओवादियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आहूत बंद के दौरान डुमरी मार्ग पर धावातांड में एक वाहन जला दिया। उपसंभागीय पुलिस अधिकारी दीपक शर्मा ने कहा कि उन्होंने जिले के डुमरी बिरनी मार्ग पर बराकर नदी पर पुल बनाने में लगे एक ठेकेदार के एक वाहन में भी आग लगा दी।

रांची: झारखंड के बोकारो जिले के डुमरी विहार स्टेशन पर नक्सलियों ने गुरुवार देर रात हमला किया है। ये हमला रात करीब साढ़े ग्यारह बजे हुआ। नक्सलियों रेलवे स्टेशन के सिग्नल और एक मालगाड़ी के इंजन में आग लगा दी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नक्सलियों की संख्या 50-60 के बीच थी। इनके साथ महिलाओं का भी दस्ता भी शामिल था। डुमरी विहार स्टेशन बरकाकान-गोमिया रूट पर है। नक्सलियों ने इस स्टेशन में भी भारी उत्पात मचाया है। इसके साथ ही स्टेशन के परिसर में कई जगह पर पोस्टर भी लगाए हैं। इतना ही नहीं मालगाड़ी के चालक से वॉकी टॉकी भी छीन लिया गया है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने इस हमले में रेलवे की संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया है। इस हमले के बाद से पूरे इलाके में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। घटना के बाद से रेलों की आवाजाही बंद कर दी गई है। मौके पर सीआरपीएफ डुमरी विहार स्टेशन पहुंच गई है।

हजारीबाग: झारखंड की हजारीबाग कोर्ट ने राजद नेता और पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह और उनके भाइयो दीनानाथ सिंह और रितेश सिंह को पूर्व विधायक अशोक सिंह की हत्‍या के मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ में 40- 40 हज़ार का अर्थदंड भी लगाया । एडीजे 9 सुरेन्द्र शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह सजा सुनाई । बहुचर्चित केस और हाइप्रोफाइल मामले को देखते हुए सुरक्षा कारणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का सहारा लिया गया ।पिछले गुरुवार को प्रभुनाथ सिंह को 22 वर्ष पुराने हत्या के इस मामले में दोषी करार दिया गया था। हजारीबाग जिले की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने प्रभुनाथ सिंह, उनके भाई दीनानाथ सिंह और रितेश सिंह को इस मामले में दोषी ठहराया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया, 22 से अधिक गवाहों के गुजरते गुजरते 22 साल बीत गए । गवाहों के बयान और साक्ष्यों को देखते हुए कोर्ट ने हत्या और एक्सप्लोसिव एक्ट में उन्हे यह सजा सुनाई । अशोक सिंह 1995 में बिहार में मशरक निर्वाचन क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्होंने प्रभुनाथ सिंह को हराया था। इस चुनावी जीत के 90 दिन बाद ही उनकी हत्या कर दी गई। 1995 में प्रभुनाथ सिंह जनता दल में थे और बाद में वह जनता दल (युनाइटेड) शामिल हो गए। मौजूदा समय में वह राजद में हैं। अशोक सिंह के भाई तारकेश्वर सिंह ने मीडिया को बताया कि उनके भाई ने 1995 में प्रभुनाथ सिंह को चुनाव में हरा दिया था।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख