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पठानकोट: कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में खुफिया खबर मिलने के बाद पठानकोट में मंगलवार को हाई अलर्ट जारी किया गया और पठानकोट-डलहौजी मार्ग पर बड़े स्तर पर खोजी अभियान शुरू किया गया। जिले में पंजाब पुलिस द्वारा खोजी अभियान के लिए स्वात टीम सहित करीब 400 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इसी जिले में जनवरी में वायुसेना के अड्डे पर सीमापार के आतंकवादियों ने हमला किया था। पठानकोट के एसएसपी राकेश कौशल ने कहा, ‘पठानकोट डलहौजी मार्ग पर घूम रहे कुछ संदिग्ध लोगों की उपस्थिति के बारे में खुफिया सूचना थी। इसके बाद यहां बड़े स्तर पर खोजी अभियान शुरू किया गया है।’ उन्होंने कहा, ‘संदिग्धों का पता लगाने के लिए पठानकोट-डलहौजी मार्ग पर क्षेत्र की घेराबंदी की गई है।’ पुलिस ने कहा कि सेना को भी अलर्ट किया गया और चौकसी बढ़ा दी गई है। पंजाब पुलिस और बीएसएफ ने सीमापार से घुसपैठ के किसी भी प्रयास को नाकाम करने के लिए 25 सितंबर को भारत पाक सीमा के निकट गांवों में संयुक्त रूप से खोजी अभियान तथा फ्लैग मार्च निकाला था। Ads by ZINC जम्मू कश्मीर के उरी में सेना के शिविर पर आतंकी हमले के बीच पठानकोट और गुरदासपुर सीमावर्ती जिलों में अलर्ट जारी किया गया था। सीमापार से घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों ने इस साल एक दो जनवरी की रात को पठानकोट अड्डे पर हमला किया था जबकि पिछले साल 27 जुलाई को गुरदासपुर के दीनानगर को निशाना बनाया गया था।

चंडीगढ़: पंजाब में सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल और विपक्षी कांग्रेस ने भाजपा के पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू पर निशाना साधते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बनाने का उनका फैसला दिखाता है कि वह मुकाबले से भाग गए हैं । मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने तरण तारण जिले के खडूर साहिब में कहा, ‘अब उन्हें अपनी हैसियत समझ आ गई है..कोई पार्टी मां की तरह होती है, उसे धोखा देना अपनी मां को धोखा देने के बराबर होता है ।’ बादल ने कहा कि सिद्धू अच्छी तरह जानते हैं कि लोग ऐसे शख्स का समर्थन नहीं करेंगे जिसने अपनी पार्टी के ‘पीठ में छुरा घोंपा’ हो । उन्होंने आरोप लगाया, ‘कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बनाने का फैसला करके वह मुकाबले से भाग गए हैं ।’ उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा, ‘वे जो चाहते हैं उन्हें करने दें । वे पार्टी बनाएं चाहे न बनाएं, इससे हमें क्या फर्क पड़ता है ? हम उनकी औकात जानते हैं ।’ पंजाब कांग्रेस के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सवाल किया, ‘‘वह यहां आए क्यों थे, हमारा चेहरा देखने ? क्या उनमें चुनाव लड़ने की भी हिम्मत नहीं बची ?’

चंडीगढ़: क्रिकेटर से राजनेता और फिर टीवी पर्सनालिटी बने नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बनाएंगे। यह जानकारी उन्होंने एक प्रेस रिलीज जारी करके दी है। सिद्धू ने कहा कि पार्टी खड़ी करने के लिए 2-3 साल का समय लगता है। पार्टी बनाकर वह बादल-अमरिंदर के खिलाफ वोट बांटना नहीं चाहते हैं। सिद्धू ने कहा कि सियासी मंच 'आवाज-ए-पंजाब' अभी भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लुधियाना के बैंस बंधुओं, परगट सिंह के साथ शुरू किया गया सियासी मंच पंजाब में चुनाव तक बना रहेगा। सिद्धू के करीबी लोगों की मानें तो सितंबर के बाद वह 'कपिल शर्मा शो' में नहीं दिखेंगे। सिद्धू को इस शो से सालाना 25 करोड़ रुपये की आमदनी होती है। वह एक अक्टूबर को अमृतसर पहुंच रहे हैं जहां उनके जोरदार स्वागत की तैयारी चल रही है। सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने हाल ही में बताया था कि उनके पति पहले ही साफ़ कर चुके हैं कि पंजाब की ज़िम्मेदारी से बढ़कर उनके लिए कुछ भी नहीं है। इससे साफ माना जा रहा है कि अब वह जल्द ही कपिल शर्मा शो को भी आखिरी सलाम करने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने बीजेपी छोड़ी है या नहीं यह बात कई दिनों तक साफ नहीं हो पाई थी।लेकिन 14 सितंबर को इस बात का खुलासा हुआ कि दो महीने से सिद्धू के अगली राजनीतिक पार्टी को चुनने की कवायद चल रही थी लेकिन इस बीच उन्होंने बीजेपी छोड़ी नहीं थी। यानि जुलाई में राज्यसभा से इस्तीफा देने के वक्त, अरविंद केजरीवाल से बातचीत के दौरान और न ही 'आवाज़ ए पंजाब' की घोषणा के समय सिद्धू ने बीजेपी से इस्तीफा दिया।

चंडीगढ़: क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब में एक नया ‘गैर राजनीतिक’ मंच बनाये जाने की घोषणा के कुछ दिनों के बाद आज औपचारिक रूप से भाजपा से इस्तीफा दे दिया। 18 जुलाई को राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले सिद्धू ने भाजपा छोड़ने का अपना इस्तीफा पार्टी प्रमुख अमित शाह को भेज दिया। सिद्धू ने अपने पत्र में कहा है, ‘मैं भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। (भाजपा के साथ) लंबे समय का साथ, दुखदायी निर्णय, मेरी पत्नी, बच्चे और पार्टी नहीं, अकेले पंजाब (आता है) पहले है। पंजाब, पंजाबियत और हरेक पंजाबी को जीतना होगा।’ हालांकि, सिद्धू की पत्नी और अमृतसर (पूर्व) से भाजपा विधायक ने अभी तक पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। उनके एक करीबी सहयोगी ने बताया, ‘डॉक्टर नवजोत कौर ने अभी तक भाजपा से इस्तीफा नहीं दिया है।’ सिद्धू के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें लगती रही हैं। शुरुआत में, उनके आप में शामिल होने की बात हो रही थी और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में इसके चेहरा बनने की चर्चा हो रही थी। लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ उनके तीखे हमले से इसकी संभावना समाप्त हो गयी है। इस महीने की शुरुआत में ‘आवाज-ए-पंजाब’ फोरम गठित करने के बावजूद उन्होंने भाजपा से इस्तीफा नहीं दिया था। 52 वर्षीय क्रिकेट खिलाड़ी ने 2004 से लेकर 2014 तक लोकसभा में अमृतसर का प्रतिनिधित्व किया।

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