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भोपाल: मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से होने वाली मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब यहां से 18वीं मौत का मामला सामने आया है। दूसरी तरफ प्रशासन ने 15 मृतकों के परिजनों को मुआवजा दे दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जो भी नाम सामने आए, सभी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

प्रशासन ने 15 मृतकों के परिजनों को दिया मुआवजा

डीएम ने कहा कि सरकार के सख्त निर्देश हैं कि मरीजों को कोई परेशानी न हो और परिजनों को जो भी सहायता दी जा सकती है, वो दी जाए। 15 लोगों को मुआवजा दिया गया बाकी 3 लोगों का बैंक खाता खुलवाकर मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट जिनके आ रहे हैं, उनकी पुष्टि कर रहे हैं और भी मेडिकल रिपोर्ट आने वाली हैं, उसके बाद की कुछ स्थिति साफ हो सकती है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस शर्मनाक घटना के बाद मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की थी।

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल त्रासदी को लेकर सियासत और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार (2 जनवरी) को युवा कांग्रेस ने नगर निगम मुख्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने एहतियातन 21 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक हिरासत में लिए गए लोगों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं।

प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शहर के भागीरथपुरा इलाके में फैली दूषित पेयजल त्रासदी प्रशासन की घोर लापरवाही और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के भ्रष्टाचार का नतीजा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि समय रहते शिकायतों पर ध्यान दिया जाता तो लोगों की जान नहीं जाती।

1 करोड़ मुआवजा और मंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस त्रासदी में जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

भोपाल: इंदौर में दूषित पानी के कारण उत्पन्न हुई गंभीर स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। सीएम मोहन यादव ने मुख्य सचिव सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस पूरे प्रकरण की विस्तृत समीक्षा की और राज्य शासन द्वारा अब तक की गई कार्रवाइयों का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट पर गहन चर्चा की और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने इस मामले में जवाबदेही तय करते हुए इंदौर नगर निगम के आयुक्त और अपर आयुक्त को तत्काल 'कारण बताओ' नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने अपर आयुक्त को तत्काल प्रभाव से इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश भी जारी किए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम में रिक्त पड़े आवश्यक पदों को तत्काल प्रभाव से भरने का निर्देश दिया है ताकि प्रशासनिक और तकनीकी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा सके।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर दूषित जल कांड मामले में बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही राहुल गांधी ने पीएम मोदी की खामोशी पर भी सवाल उठाया है।

राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है - कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें। और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं।

इंदौर दूषित पानी कांड पर राहुल ने सरकार से पूछे तीखे सवाल

राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर कहा, "इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं - और ऊपर से बीजेपी नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया।

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