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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार को बड़ी राहत मिली है। एनसीपी नेता अजित पवार की जब्त हुई संपत्तियों को इनकम टैक्स से मुक्त कर दिया गया है। दिल्ली की बेनामी ट्रिब्यूनल कोर्ट ने शुक्रवार (6 दिसंबर, 2024) को फैसला सुनाते हुए अजित पवार की सीज की गई संपत्तियों को रिलीज कर दिया है।

कल ही बने डिप्टी सीएम और आज संपत्ति रिलीज

आयकर विभाग ने 07.10.2021 को अलग-अलग कंपनियों पर छापे मारे, जिसमें कुछ दस्तावेज बरामद हुए, जिनमें आरोप लगाया गया कि कुछ संपत्तियां अजित पवार और उनके परिवार की बेनामी संपत्तियां हैं। दिल्ली स्थित बेनामी अपीलीय न्यायाधिकरण ने इन आरोपों को खारिज कर दिया और इस खारिजी के खिलाफ आयकर अपील को भी बेनामी न्यायाधिकरण ने 05.11.2024 को खारिज कर दिया। अजित पवार बेटे पार्थ पवार और पत्नी सुनेत्रा पवार की संपत्ति इनकम टैक्स ने सीज की थी, कोर्ट ने संपत्ति को रिलीज करने आदेश जारी कर दिया।

न्यायाधिकरण का यह फैसला अजित पवार के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद आया है। महायुति गठबंधन ने विधानसभा चुनावों में भारी जीत हासिल की थी और सरकार गठन में गतिरोध बना हुआ था। 5 नवंबर, 2024 को न्यायाधिकरण ने आयकर विभाग की दायर अपील को खारिज करके अपने रुख की पुष्टि की, जिससे उसका पिछला फैसला बरकरार रहा। इस फैसले से आयकर अधिकारियों की ओर से पहले जब्त की गई संपत्तियों को मुक्त कर दिया गया है।

अजित पवार के नाम पर नहीं थी कोई भी प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड

अक्टूबर 2021 में, अधिकारियों ने बेनामी संपत्ति रोकथाम अधिनियम (पीबीपीपी) के तहत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त कीं। इस कार्रवाई में महाराष्ट्र और मुंबई में अजित पवार से जुड़े लोगों के आवासों और कार्यालयों की तलाशी शामिल थी, जिसमें उनके रिश्तेदार, बहनें और करीबी सहयोगी शामिल थे। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि इनमें से कोई भी संपत्ति सीधे तौर पर एनसीपी नेता के नाम पर पंजीकृत नहीं है।

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