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आइजोल: भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने गुवाहाटी हाई कोर्ट की आइजोल पीठ की नई इमारत का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर बात की। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि कानून का शासन देश और न्यायाधीशों, वकीलों और वादियों को बनाए रखता है।

दरअसल, आइजोल पीठ की नई इमारत के उद्घाटन के अवसर पर सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि भारतीय संस्थानों ने संवाद, सहिष्णुता और साझा मूल्यों के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने की संस्कृति विकसित की है, लेकिन कई देश ऐसे हैं, जो सिर्फ शस्त्र और हथियारों के माध्यम से समाधान करते हैं।

सीजेआई ने कहा कि दुनिया में बहुत सारे देश हैं, जहां समस्याओं को हल करने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन हमारे यहां हिंसा को रोकने लिए संवाद, सहिष्णुता की संस्कृति को अपनाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट के माध्यम से समाज में जो महत्वपूर्ण संदेश जाता है। वह यह है कि हम कानून के माध्यम से विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए खड़े हैं।

महिलाओं से की न्यायपालिका का हिस्सा बनने की अपील

सीजेआई चंद्रचूड़ ने आगे कहा कि समुदायों और विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद की भावना ने पूरे देश में समझ की भावना को बढ़ावा दिया है। इसके अलावा उन्होंने देश की महिलाओं से न्यायपालिका में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कार्यस्थल को उनके लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके।

मिजोरम के सीएम लाल थनहावला ने रखी थी नई इमारत की आधारशिला

इसके अलावा सीजेआई ने गुवाहाटी हाई कोर्ट की आइजोल पीठ को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। बता दें कि गुवाहाटी हाई कोर्ट की आइजोल पीठ की स्थापना 5 जुलाई, 1990 को हुई थी। इसके बाद नई इमारत की आधारशिला 4 मार्च, 2017 को मिजोरम के मुख्यमंत्री लाल थनहावला और उस समय के हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अजीत सिंह द्वारा रखी गई थी।

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