नई दिल्ली/शिमला: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शिमला में एक स्कूली छात्रा से कथित बलात्कार और उसकी हत्या मामले की जांच अपने हाथ में ले ली और प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इस घटना को लेकर आक्रोशित लोग हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सीबीआई प्रवक्ता आर.के गौड़ ने बताया कि जांच एजेंसी ने सीबीआई के एक पुलिस अधीक्षक की अगुवाई में जांच दल का गठन किया है। जांच दल में एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक शामिल हैं। गौड़ ने मामले के बारे में बताया है, 'यह आरोप लगाया गया है कि नाबालिग लड़की पांच जुलाई, 2017 को स्कूल गई थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। छह जुलाई को पास के जंगल से उसका शव मिलाv इसको लेकर उसके पिता ने शिमला जिले के कोटखाई थाने में शिकायत दर्ज कराई। आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 376 (बलात्कार) और पॉक्सो अधिनियम के खण्ड चार के तहत मामला दर्ज किया गया है। गौड़ ने बताया कि शनिवार शाम प्राथमिकी दर्ज करने के बाद एसआईटी घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है। सीबीआई मामले के छह आरोपियों में से एक की पुलिस हिरासत में रहस्यमयी स्थिति में मौत की भी जांच करेगी।
जांच एजेंसी ने इस संबंध में अलग प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी सूरज का पोस्टर्माटम शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में किया गया, लेकिन सीबीआई ने राज्य पुलिस से शव को परिवार के सदस्यों को नहीं सौंपने को कहा है। कोटखाई थाने में पुलिस हिरासत के दौरान उसकी मौत हो गई थी। सीबीआई ने शिमला हाई कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच को अपने हाथ में लिया है। इसी बीच पीड़िता के लिए न्याय की मांग में हो रहे प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारियों ने ठियोग में हिन्दुस्तान-तिब्बत मार्ग को कई घंटों तक जाम कर दिया. इससे सैकड़ों वाहन फंसे रहे गए।