नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी करीब 10 करोड़ रूपये की आय से अधिक संपत्ति के मामले में आज यहां की एक विशेष अदालत में पेश हुए और जमानत के लिए आवेदन दिया। केंद्रीय जांच ब्यूरो :सीबीआई: ने सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा और इस मामले के अन्य आरोपियों द्वारा दायर जमानत याचिका का जवाब देने के लिए अदालत से कुछ समय मांगा था जिसके चलते न्यायाधीश ने मामले पर बहस के लिए 29 मई की तारीख तय कर दी। सीबीआई के 500 पन्नों के आरोपपत्र में दावा किया गया है कि केंद्रीय मंत्री रहने के दौरान सिंह ने अपनी कुल आय से करीब 10 करोड़ मूल्य अधिक की संपत्ति एकत्रित की। सिंह और आठ अन्य लोगों के खिलाफ जालसाजी और भ्रष्टाचार के मामले की अंतिम रिपोर्ट में 225 गवाहों के बयान और 442 दस्तावेज शामिल हैं। रिपोर्ट में एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को भी आरोपी बनाया गया है, वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। चौहान को प्रवर्तन निदेशालय :ईडी: ने पिछले वर्ष नौ जुलाई को धनशोधन के एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था।
हाई कोर्ट ने छह अप्रैल 2016 को सीबीआई से कहा था कि वह सिंह को गिरफ्तार नहीं करे। न्यायालय ने सिंह को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया था।